रेवाड़ी। पुलिस ने उप सिविल सर्जन कमल मेहरा की शिकायत पर बिना जांच किए मरीज को खून चढ़ाने के आरोप में दो डॉक्टरों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बवाना गुर्जर निवासी राजाराम 4 जनवरी को कानोड गेट के निकट स्थित कत्याल अस्पताल में भर्ती थे। पुलिस के अनुसार खून की जरूरत पड़ने पर कुछ कंपाउंडर उनके रिश्तेदारों को भाड़ावास रोड स्थित संजीवनी अस्पताल ले गए। वहां उनका खून लिया और बिना जांच किए ही खून को कत्याल अस्पताल में लाकर मरीज को चढ़ाना शुरू कर दिया। नियमानुसार खून को लाइसेंस प्राप्त लैब में जांच के बाद निकाला जा सकता है तथा जांच के बाद ही मरीज को चढ़ाया जा सकता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 जनवरी को दोनों अस्पतालों पर छापामारी की थी। टीम ने दोनों अस्पतालों के रिकॉर्ड को सील कर पुलिस को शिकायत दी थी। शहर थाना पुलिस ने उप सिविल सर्जन डॉ. कमल मेहरा की शिकायत पर कत्याल अस्पताल के संचालक डॉ. पुनीत कत्याल, स्टाफ सदस्य संजय, सत्यवान, गोपीचंद और संजीवनी अस्पताल संचालक डॉ. विकास शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है।