रोहतक। बनारस में 4 जनवरी से होने वाली इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन नहीं होने से गुस्साए खिलाड़ियों ने मंगलवार दोपहर को यूनिवर्सिटी के खेल विभाग को ताला जड़ दिया। गुस्साए खिलाड़ियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। खिलाड़ियों ने खेल विभाग के अधिकारियों पर भेदभाव किए जाने व गलत तरीके से अयोग्य खिलाड़ियों का चयन करने के गंभीर आरोप लगाए। ताला लगाए जाने की सूचना मिलने पर बॉक्सिंग कोच व यूनिवर्सिटी खेल विभाग के निदेशक मौके पर पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों को समझाया और बताया कि लिस्ट अभी फाइनल नहीं हुई है। इसके बाद ही खिलाड़ी शांत हुए तथा ताला खोला।
मंगलवार दोपहर 1.20 पर जोगा पहलवान बॉक्सर के नेतृत्व में लगभग डेढ़ दर्जन खिलाड़ी यूनिवर्सिटी के खेल विभाग में पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद कर्मचारियों को गेट से बाहर निकाल कर वहां ताला लगा दिया। जोगा पहलवान ने बताया कि पिछले साल उत्तर प्रदेश में हुई इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए थे। मगर इस बार चार जनवरी से बनारस में होने वाली इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए उनका चयन नहीं किया गया। इस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन करते समय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नजरअंदाज किया गया और चयनकर्ताओं ने अपने करीबियों व सिफारिशी खिलाड़ियों का चयन किया है। खिलाड़ियों ने एमडीयू प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
खिलाड़ियों द्वारा ताला जड़े जाने की सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी के खेल विभाग के निदेशक देवेंद्र सिंह ढुल और बाक्सिंग कोच रविन्द्र राणा वहां पहुंचे। दोनों के वहां पहुंचते ही खिलाड़ियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। देवेंद्र सिंह ढुल और रविंद्र राणा ने खिलाड़ियों को समझाया कि चयन प्रक्रिया में कोई धांधली नहीं की गई है। साथ ही खिलाड़ियों को यह भी बताया कि प्रतियोगिता के लिए चुने गए खिलाड़ियों की लिस्ट अभी तक फाइनल नहीं की गई है। इस आश्वासन के बाद ही खिलाड़ी ताला खोलने के लिए राजी हुए। ताला दोपहर 1.50 मिनट पर खोला गया। खिलाड़ी आशीष, चिराग, राहुल, मोहित, हितेष, सत्येंद्र व विजय आदि ने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार से खिलाड़ियों के प्रदर्शन की अनदेखी को सहन नहीं किया जाएगा। अगर उनके साथ भेदभाव किया तो इसका विरोध करेंगे। योग्य खिलाड़ियों का चयन नहीं किए जाने पर फिर से खेल विभाग को ताला जड़ दिया जाएगा।