रोहतक। हरियाणा प्रदेश पिछड़ा वर्ग ब्लाक-ए कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष शांता कुमार आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जाट जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में शामिल करना असंवैधानिक और आधारहीन है।
आर्य ने कहा कि केंद्रीय सरकार ने जाट जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची में शामिल करने की जल्दबाजी में असंवैधानिक तरीके से निर्णय ले लिया। इसमें तो वोट की राजनीति ही नजर आती हैं। इस निर्णय से देश के 40 प्रतिशत अति पिछड़े वर्गों में भारी असंतोष है। इस प्रकार तो सामाजिक ताना बाना नष्ट हो जाएगा। आर्य ने केंद्र सरकार से अपील की है कि किसी भी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची में मिलाने के लिए आयोग द्वारा उनका सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनैतिक हालात का निष्पक्ष सर्वे होना चाहिए।