रोहतक। मोतिया बिंद का आपरेशन कराने के बाद संक्रमण का शिकार हुए 38 मरीज जैसे ही अंधकार में डूबना शुरू हुए और मामला सार्वजनिक हुआ तो धरती के भगवानाें के साथ चंडीगढ़ बैठे प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। मरीजों के आपरेशन के 18 दिन बाद सिविल सर्जन भिवानी, आपरेशन करने वाले भिवानी जालान अस्पताल के डॉक्टर, चंडीगढ़ प्रशासनिक अधिकारियों की टीम नेत्र विभाग के वार्ड 11 में मरीजों का हाल जानने पहुंच गई।
वीरवार को सुबह सिविल सर्जन भिवानी डॉ. आदित्य गुप्ता, जालान अस्पताल भिवानी के एसएमओ डॉ. एडविन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम के साथ पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव व विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग डॉ. सतबीर ने भी मौके पर जा कर मरीजों का हाल जाना। वहीं सायं निदेशक हेल्थ असर फूदीन व दो अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और डॉक्टरों के अलावा मरीजों से बातचीत की। वार्ड में दाखिल मरीजों ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से वार्ड में दाखिल हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। एक कोने में उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया गया। जब समाचार पत्र ने मामला उठाया तो अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। जो गंभीरता अधिकारी अब दिखा रहे हैं यदि वह पहले दिखाते तो शायद उनकी यह हालत नहीं होती।
बोले अधिकारी
19 मरीजों को हमारे डॉक्टरों की टीम ने आपरेशन कर दिया है। इसके अलावा सभी मरीज अभी निगरानी में हैं। आंखों के मरीजों के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बना दिया गया है। इसमें डॉ. मनीषा नाडा, डॉ. जितेंद्र फौगाट व डॉ. सुनील वर्मा मरीजों को उपचार दे रहे हैं। संक्रमण की वजह क्या रही, इसका जांच के बाद पता चल पाएगा। फिलहाल सामने आया है कि मरीजों की आंखों पर सुडोमोनाज एरुजिनोसा बैक्टिरिया ने हमला किया है। मरीजों के उपचार के लिए सभी दवाएं मंगा ली गई हैं, किसी को बाहर से दवा लाने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
मरीजों का मामला संज्ञान में है। इसके लिए तीन सीनियर अधिकारियों की टीम को जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेज दिया गया है। इस मामले में प्रयास है कि सभी मरीज जल्द सही हाें, इसके लिए पीजीआईएमएस प्रशासन को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही मरीजों को हुए संक्रमण के कारणों को भी तलाशा जा रहा है।
- राजीव अरोड़ा, एसीएस हेल्थ, चंडीगढ़
आंखों में आपरेशन के बाद संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसकी जांच जारी है। कुरुक्षेत्र, भिवानी में सर्जरी के बाद ऐसे मामले सामने आए हैं। फिलहाल आपरेशन थियेटर, इंस्ट्रूमेंट आदि में संक्रमण नहीं मिला है। इसके अलावा अन्य चीजों की जांच की जा रही है। आंखों में जो फ्लूड डलता है उसकी जांच करवाने की बात चल रही है। रिपोर्ट है कि 19 मरीजों का आपरेशन हो चुका है, बाकी को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है।
- ऊषा गुप्ता, निदेशक हेल्थ, चंडीगढ़