रोहतक। शीला बाईपास चौराहे पर जाम की समस्या स्थायी रूप से खत्म होने जा रही है। 68 करोड़ रुपये की लागत से बना 748 मीटर लंबा टू लेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में हैं। कार्यदायी संस्था का दावा है कि जून में हम फ्लाईओवर चालू कर देंगे।
शीला बाईपास चौराहा शहर का सर्वाधिक व्यस्त चौराहा है। बस स्टैंड पास होने की वजह से बसें गुजरती थी। दिल्ली, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, हिसार जाने वाले वाहन इसे चौराहे से गुजरते हैं। इससे इस चौराहे पर जाम के हालात रहते थे। यातायात सुचारु करने में पुलिस के भी पसीने छूटते थे। जाम की वजह से इस चौराहे से गुजरने में शहरवासियों को काफी समय लगता था। इस समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए सरकार के फैसले पर 748 मीटर लंबा टू लेन फ्लाईओवर बनवाया जा रहा है, जो बनकर तैयार है। वर्तमान में सिर्फ फिनिशिंग कार्य किया जा रहा है, जो जल्द पूरा होगा। इस फ्लाईओवर के चालू होने से दिल्ली बाईपास से बस अड्डे तक वाहन फ्लाईओवर से गुजरेंगे। इससे चौराहे पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं, सोनीपत रोड, छोटूराम स्टेडियम, सेक्टर-चार, बोहर, दिल्ली बाईपास रोड के रास्तों से जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। लोगों का पीजीआईएमएस, लघु सचिवालय, कोर्ट, मुख्य डाकघर, रेलवे स्टेशन, नगर निगम आदि जाना काफी सुगम हो जाएगा।
इंसेट
समय पर डिजाइन मिले तो दो माह में बनेगा कच्चा बेरी रोड फ्लाईओवर
उधर, कच्चा बेरी रोड रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। इससे फल-सब्जी व अनाज मंडी जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था का कहना है कि रेलवे से डिजाइन मिलने में देरी हो रही है, जिससे दिक्कत आ रही है। तय अवधि में डिजाइन मिल जाएं तो दो माह में काम पूरा हो जाएगा। जनवरी 2019 में फ्लाईओवर का शिलान्यास हुआ, जिसे मार्च 2021 में बनना था। एलिवेटेड रोड से जुड़ा 910 मीटर का यह फ्लाईओवर चालू होगा तो आंबेडकर चौक से फल-सब्जी व अनाज मंडी की दूरी बमुश्किल 10 मिनट रह जाएगी। वर्तमान में हिसार बाईपास से घूमकर आवागमन करना पड़ रहा है।
वर्जन-
शीला बाईपास टू लेन फ्लाईओवर बनकर तैयार है। फिनिशिंग वर्क भी खत्म होने जा रहा है। जून अंत में इसे हमारी तरफ से चालू कर दिया जाएगा। वहीं, कच्चा बेरी फ्लाईओवर की डिजाइन रेलवे से देरी से मिल रही है। समय पर डिजाइन मिले तो दो माह में यह फ्लाईओवर भी बनाकर चालू कर देंगे।
- वीरभान, डायरेक्टर कार्यदायी संस्था