अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। विदेशी मुद्रा दिखाकर ठगी करने वाले ईरानी गिरोह के सदस्य ने पुलिस की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए है। गिरोह के सदस्य पिछले करीब 9 माह से रोहतक के विभिन्न स्थानों पर जाकर ठगी कर रहा है। उधर गिरोह के सदस्य पर कार्रवाई करने के मामले में अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। रिमांड पूरा होने पर मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
बहु जमालपुर गांव में व्यापारी अमन की दुकान से ईरान के चार व्यक्ति सीमेंट और सरिया खरीदने के लिए पहुुंचे थे। चारों अंग्रेजी में व्यापारी से बात कर रहे थे। एक व्यक्ति ने विदेशी करेंसी दिखाई, जिसे व्यापारी ने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद चारों ने व्यापारी से भारतीय मुद्रा दिखाने को कहा। इस पर व्यापारी ने कुछ दिन पहले ऐसी ही ठगी की सीसीटीवी की वायरल वीडियो को देख शक के आधार पर पास-पड़ोस के अन्य व्यापारियों को बुला लिया। इसके बाद उन्होंने एक आरोपी को पकड़ लिया जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए।
सदर थाना इंस्पेक्टर सोहनपाल सिंह खटाना ने बताया कि आरोपी पिछले नौ महीने से दिल्ली से रोहतक आकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। वारदात के समय कार में एक महिला भी होती थी। गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी पर सफलता हाथ नहीं लग सकी। बताया कि कई ऐसी वारदात भी पता चली हैं, जिनमें व्यापारियों ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी।
दिल्ली का करोल बाग है ठिकाना
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह के गुर्गे दिल्ली के करोल बाग में शरण लेते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद करोल बाग में ही चले जाते हैं।