स्टेट की राजनीति में इस बार आएंगे दुष्यंत चौटाला
- बोले - संसद की हालत देखकर दुख होता है, अटल बिहारी वाजपेयी के समय में नहीं होता था इतना गतिरोध
- पहली बार देखा कि पीएम ने आज तक सभी दलों को बुलाकर बात नहीं की
नसीब सैनी
कैथल।
इनेलो के युवा सांसद दुष्यंत चौटाला विधानसभा चुनाव के माध्यम से प्रदेश की स्टेट की राजनीति में आ सकते हैं। अपने दादा व पिता के जेल जाने के बाद सांसद बनें दुष्यंत चौटाला ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में इस बात के संकेत दिया। साथ ही कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश :-
प्रश्न : आपने बतौर सांसद अपने राजनीतिक कैरियर में पहली सफलता की सीढ़ी पार की। क्या इस बार स्टेट की राजनीति में आएंगे?
उत्तर : देश हो या प्रदेश की राजनीति, युवाओं का अपना एक अहम रोल है। हरियाणा में भी इनेलो को सत्ता में लाने में युवा वर्ग का अहम योगदान होगा। एमपी का चुनाव हो या एमएलए का। उनके लिए प्रदेश का हित सर्वोपरि है। प्रदेश के हक की लड़ाई लड़ने के लिए जो जरूरी होगा, करेंगे।
प्रश्न : आपने एनएचएम घोटाला उठाया है। इसपर सरकार ने अब तक जो कार्रवाई की है, उससे संतुष्ट हैं?
उत्तर : इसमें एक बात तो है कि कम से कम मंत्री विज ने स्वीकार किया की घोटाला हुआ है। यह महज 43 करोड़ का नहीं बल्कि हजारों करोड़ का घोटाला है। इसीलिए उनकी मांग है कि इसकी जांच सीबीआई से करवाई जाए। ना कि विजिलेंस से। विजिलेंस से हुई अब तक की जांच में कई मामलों में अपराधी छूटते नजर आए हैं।
प्रश्न : प्रदेश में चर्चाएं रहती हैं कि भाजपा के साथ इनेलो का चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हुआ तो जरूरत पड़ने पर चुनाव के बाद गठबंधन हो जाएगा? आप कहां तक इससे सहमत हैं?
उत्तर : ये सब चर्चाएं इनेलो कार्यकर्ताओं को डिमोरलाइज करने की बाते हैं। जब इनेलो व भाजपा का गठबंधन था तो उन्हें 29 सीटें दी गई थीं, इस समय भाजपा की ही अकेले 47 हैं। तो ऐसे हालात में कैसे गठबंधन हो सकता है। इनेलो 90 की 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और जीत हासिल करेगी।
प्रश्न : रणदीप सुरजेवाला को लेकर कहा जा रहा है कि चौटाला परिवार के सदस्य ही उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे?
उत्तर : व्यक्ति विशेष द्वारा बालकों को ना भेजने की बात से स्पष्ट है कि वे बालकों से घबरा गए हैं। चौटाला साहब के आदेश हुए तो उनके खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
प्रश्न : युवा सांसद के तौर पर आज के संसद के हालात पर टिप्प्णी?
उत्तर : दुख होता है जब 15-15 दिन तक संसद ठप्प रहे। क्षेत्रिय पार्टियां अपने प्रदेश के हितों को नहीं उठा पा रही हैं। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी में घबराहट दिखती है तो कांग्रेस अपने काले कारनामे छिपाने के लिए ढोंग रच रही है। अटल बिहारी वाजपेयी के समय में ऐसा कभी नहीं हुआ। लेनिक पीएम मोदी ने अभी तक किसी भी दल से बात नहीं की है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि सभी दलों को बुलाकर बात की जाए।
प्रश्न : इनेलो के टिकट हासिल करने में युवा कहां तक भागीदार रहेंगे?
उत्तर : पिछले घोषणापत्र में आदरणीय चौटाला जी ने 33 प्रतिशत महिलाओं व 45 प्रतिशत युवाओं को टिकट दिया था। इस बार भी कम से कम 50 प्रतिशत युवा वर्ग को टिकट दिया जाएगा।
प्रश्न : इनेलो सत्ता में आई तो युवाओं के लिए क्या खास होगा?
उत्तर : हिमाचल व उत्तराखंड की तर्ज पर यहां लगने वाले उद्योगों में कम से कम 50 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं के लिए आरक्षण करते हुए रोजगार दिए जाने की व्यवस्था करवाई जाएगी। ताकि निजी क्षेत्र में प्रदेश के युवा को काम मिल सके।
प्रश्न : स्वास्थ्य विभाग, जिसके मंत्री इस समय तेज तर्रार बताए जा रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में सुविधाएं नगण्य हैं?
उत्तर : प्रदेश में एनएचएम घोटाला ही करोड़ों का निकल सकता है। इसी तरह से मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना में भी गड़बड़ी है। स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। लेबर सेस में 2000 करोड़ रुपया पड़ा है। जिसमें से चहेतों को मशीनें दी जा रही हैं। सरकार को चाहिए कि इस पैसे से गरीब लोगों के लिए अस्पताल बना दिए जाएं।
प्रश्न : प्रदेश की जनता के लिए सांसद दुष्यंत चौटाला क्या कहना चाहेंगे?
उत्तर : क्षेत्रिय पार्टियां ही प्रदेश का भला कर सकती हैं। राष्ट्रीय पार्टियां नेशनल मुद्दों के परिपेक्ष में प्रदेश के हितों का हनन कर देती हैं। जीएसटी बड़ा उदहारण है, हरियाणा 2 लाख करोड़ रुपये का कर्जदार हो गया है। यही हालात रहे तो पूरा हरियाणा बैंकों में गिरवी होगा। इसीलिए क्षेत्रिय पार्टी, इनेलो को चुनें, इनेलो की सरकार बनाएं। प्रदेश के विकास का रास्ता खोलें।