सांपला के खेतों में भरा बारिश का पानी।
सांपला। खंड की 500 एकड़ फसलें डूब गई हैं। दुल्हेड़ा माइनर के साथ-साथ 100 से ज्यादा एकड़ में पानी भर गया है। शनिवार को एक बार फिर बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं क्योंकि पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
जुलाई में क्षेत्र के अंदर लगातार मानसून की बारिश हुई। अब अगस्त में भी बारिश फिर शुरू हो गई। इस्माईला में दुल्हेड़ा माइनर के साथ लगते करीब 100 खेतों से ज्यादा पानी भरा हुआ है। चुलियाणा में करीब 300 एकड़ धान की फसल डूबी हुई है। ड्रेन ओवरफ्लो होने से गिझी व भैंसरु खुर्द के 120 एकड़ में पानी फैला हुआ है।
किसानों की भी धान, बाजरा व ज्वार की फसलें डूब गई हैं। किसान बीलू, हरेंद्र, जयदीप, राजा व अशोक कुमार का कहना है कि खेतों में पानी का स्तर कम नहीं हो रहा है। बाजार की फसल पानी की वजह से खराब होने लगी है। खेतों में अधिक पानी होने से धान की फसल को भी खतरा है।
किसानों का कहना है अगर बारिश का दौर जारी रहा तो उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कृषि विभाग का कहना कि अभी बारिश से कहीं ज्यादा नुकसानक की रिपोर्ट नहीं आई है। जहां पर ज्यादा पानी है वहां पर निकासी के लिए पंप लगा दिए गए है।