रोहतक। कोविड ड्यूटी से हटाए गए कर्मचारियों ने वीरवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना के कार्यालय पर न्याय की गुहार लगाई। यहां उनके नाम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। डीजी ने उनके पांच सदस्यीय दल को 8 मार्च को बातचीत के लिए बुलाया है। यहां कर्मचारियों की समस्या के समाधान की उम्मीद है।
अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों के राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने महामारी काल में लोगों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए हमें नियुक्त किया था। कोरोना के खतरे के बावजूद हमने पूरी निष्ठा से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया। इस काम में लगातार दो साल जुटे रहे। अब विभाग ने हमें काम से हटाकर बेरोजगार कर दिया है। इससे हमारे सामने आर्थिक तंगी की स्थिति पैदा हो गई है। यही नहीं, पिछले पांच महीने का वेतन भी नहीं मिला है। इस संबंध में सीएमओ से मिले तो उन्होंने ठेकेदार के पास भेज दिया। ठेकेदार के पास गए तो उन्होंने सीएमओ के पास जाने की सलाह दी। हम केवल चक्कर लगा रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए एक दल पंचकूला गया था। इस दल ने डीजी से मुलाकात का प्रयास किया, मगर उनकी अनुपस्थिति के चलते मुलाकात नहीं हो पाई। डीजी ने शुक्रवार को पांच सदस्य को बातचीत के लिए बुलाया है। यहां समस्या के समाधान की बात बन सकती है।