रोहतक। मुख्य डाकघर में अब लोगों को अपने काम के लिए लाइन में खड़े नहीं होना होगा। सातों काउंटर को कनेक्ट करके डीक्यूएमसी (डायनमिक क्यू मैनेजमेंट सिस्टम) मशीन लगाकर शनिवार से शुरू कर दी गई है। लोगों के बैठने के लिए बैंच लगा दी हैं ताकि वह अपना नंबर मॉनीटर पर डिस्पले होने तक इत्मीनान से बैठे रहे।
जिला विकास भवन के पास मुख्य डाकघर में हर रोज सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। कोई मनी आर्डर, रजिस्ट्री, आईपीपीबी, सेविंग एकाउंट में रुपये जमा करवाने आता है तो कोई सेविंग सर्टिफिकेट और आरडी के काम से। सैकड़ों लोगों के आने की वजह से सात काउंटरों पर हर रोज काम किया जाता है जिन पर लंबी लाइनें लगी रहती हैं। कई बार लोग जल्दबाजी अथवा अन्य किसी वजह से लाइन में लगने के बजाये सीधे काउंटर पर आकर खड़े हो जाते हैं जिसकी वजह से वाद-विवाद होता है। आए दिन के विवाद की समस्या के चलते उच्चाधिकारियों ने डीक्यूएमसी मशीन लगवाई है। यह मशीन मुख्य गेट के पास रखी गई है, जिसमें सातों काउंटरों पर होने वाले कामों का ब्यौरा है। व्यक्ति को टच स्क्रीन कंप्यूटर पर अपने काम से संबधित काउंटर को अंगुली से टच करना है। जिससे तुरंत उसे अपने टोकन नंबर की स्लिप मिलेगी। इसके बाद काउंटर पर जाकर खड़े होने की जरूरत नहीं। आपको वहां लगाई गई बैंच पर अपने नंबर के आने का इंतजार करना है। किस काउंटर पर किस टोकन नंबर के व्यक्ति को जाना है, इसका बड़ी स्क्रीन पर लगातार डिस्पले होने लगा है। इसके साथ ही काउंटरों पर डाक विभाग ने नंबर अंकित कर दिए हैं। अभी तक काउंटरों पर मल्टी परपज काम होता था मगर अब ऐसा नहीं होगा। जिस काम के लिए जो काउंटर तय किया गया है, वही काम उस काउंटर पर होगा। यह सिस्टम शुरू होने से शनिवार को मुख्य डाकघर में काफी इत्मीनान से काम हुआ।
डाक विभाग के सिस्टम मैनेजर मुकेश आहुजा ने बताया कि तीन दिन पहले ही पूरा सिस्टम लगाने के लिए आया था, जिसे स्थापित करके शनिवार से शुरू करवा दिया गया है। इससे काफी राहत मिली है। प्रवर डाक अधीक्षक डीवी सैनी ने बताया कि लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए डीक्यूएमसी मशीन लगाई गई है। शनिवार को काफी सहज तरीके से काम हुआ। लोगों को लाइन भी नहीं लगानी पड़ी।
किस काउंटर पर कौन सा काम होगा
नंबर एक:- तीन से ज्यादा रजिस्ट्री, पार्सल आदि होंगे।
नंबर दो:- एक-दो रजिस्ट्री, मनी आर्डर, पीएलआई आदि।
नंबर तीन:- इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक आदि के काम।
नंबर चार:- सेविंग एकाउंट, सुकन्या आदि योजना के काम।
नंबर पांच:- सेविंग सर्टीफिकेट आदि दिए जाएंगे।
नंबर छह:- टीडीएमआईएस, पीपीएफ, एनएसएस आदि का काम।
नंबर सात:- आरडी आदि के काम।