रेलवे ट्रैक पर गांधीनगर के लोगों ने सवा दो घंटे तक डाला डेरा
चरखी दादरी।
सियासती मुद्दा बन चुका गांधी नगर फाटक अंडरपास मसला रविवार को एक बार फिर से गर्मा गया। करीब 20 हजार लोगों की परेशानियों से जुड़े अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे ट्रैक पर करीब सवा दो घंटे गांधी नगर के लोगों के डेरा डाले रखा। इनेलो विधायक राजदीप फौगाट के नेतृत्व में लोग सुबह करीब दस बजे स्टेशन परिसर के समीप रेलवे ट्रैक पर आ पहुंचे। इन लोगों ने भाजपा सरकार व रेलवे प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। आठ पार्षदों ने भी लोगों की परेशानियों को देखते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया। पहले रेलवे और फिर जिला प्रशासन से लिखित आश्वासन पाकर ही सैकड़ों लोग रेलवे ट्रैक छोड़ने को राजी हुए। प्रशासन ने अंडरपास निर्माण के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने का आश्वासन देकर दो माह के अंदर अंडरपास निर्माण का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है। ये आश्वासन पूरा न होने पर विधायक राजदीप फौगाट सहित लोगों ने रेलवे ट्रैक पर लेटकर ट्रेनों का आवागमन अनिश्चितकालीन समय तक बंद रखने की चेतावनी दी है। वहीं, लॉ एंड ऑर्डर कायम रखने के लिए पुलिस की दो रिजर्व कंपनी सहित करीब 305 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती स्टेशन परिसर पर की गई। इनमें 52 महिला पुलिस कर्मचारी भी शामिल रही। रेलवे पुलिस ने देर शाम रेलवे ट्रैक जाम करने वाले कुछ नामजद लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। इस आंदोलन के चलते दो सवारी गाड़ियां अपने निर्धारित समय से करीब सवा दो घंटे की देरी से रेलवे स्टेशन परिसर पर पहुंची। इन दोनों ट्रेनों को भिवानी जंक्शन व झाड़ली स्टेशन पर ही सुरक्षा कारणों से खड़ा रखा गया।
गांधी नगर फाटक पर अंडरपास की निर्माण करीब चार साल पुरानी है। सीसीआई फाटक बंद होने के बाद से ही गांधी नगर के लोग सीधे तौर पर बाजार से कट गए हैं। इन लोगों को करीब चार गुना लंबा रास्ता तय कर बाजार में पहुंचना पड़ रहा है। लोगों ने इस संबंध में 29 अक्तूबर को एक पंचायत आयोजित की थी। पंचायत की अगुवाई विधायक राजदीप फौगाट ने की थी। पार्षद महेश गुप्ता के संचालन में आयोजित बैठक में रेलवे ट्रैक जाम करने का निर्णय लिया गया था। ऐसा करने से पहले लोगों ने सोमवार को सीटीएम मनीष फौगाट को एक ज्ञापन सौंपकर इसकी चेतावनी भी दे दी थी। इस चेतावनी को जिला प्रशासन ने तो गंभीरता से लेकर सुरक्षा इंतजाम के लिए शनिवार रात ही तैयारियां पूरी कर ली थी। ये तैयारियां रेलवे ट्रैक जाम रोकने के लिए नहीं बल्कि इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए की गई थी। लोग ट्रैक पर बैठे रहे और पुलिस कर्मचारी प्लेटफॉर्म या रेलवे ट्रैक के समीप खड़े होकर उन्हें देखते नजर आए। करीब डेढ़ घंटे बाद पहले रेलवे और फिर जिला प्रशासन के साथ आंदोलनकारी खेमे की बैठक हुई। विधायक राजदीप सहित पार्षद महेश गुप्ता व लोगों ने दोनों से ही लिखित में आश्वासन मांगा। इसके चलते पहले रेलवे ने लिखित रूप से गांधी नगरवासियों को आश्वासन दिया। इसके अनुसार सरकार द्वारा प्रपोजल भेजने और अंडरपास निर्माण में खर्च होने वाली राशि मुहैया होते ही निर्माण कार्य शुरू करने का तर्क दिया तो वहीं जिला प्रशासन ने प्रपोजल व ग्रांट के लिए सरकार को पत्र भेजकर दो माह में अंडरपास निर्माण का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब सवा 12 बजे विधायक ने रेलवे ट्रैक से उठने की घोषणा की और लोग तुरंत ट्रैक से उठकर अपने घरों की ओर चल दिए। इसके बाद रेवाड़ी व हिसार की तरफ आने-जाने वाली दो सवारी ट्रेनों का आवागमन हो सका।
महिलाओं ने बैठकर तो छात्राओं ने ट्रैक पर लेटकर बयां की पीड़ा
करीब दस बजे गांधी नगर के लोग रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। इनमें महिलाओं व स्कूली बच्चों की संख्या अधिक रही। महिलाओं ने रेल की पटरियों पर डेरा डालकर पहले रेलवे और फिर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, स्कूली बच्चे भी इस आंदोलन में पीछे नहीं रहे। बच्चों ने रेलवे ट्रैक पर लेटकर रेलवे प्रशासन व सरकार से स्कूल आवागमन में आ रही परेशानियों का हवाला देते हुए अंडरपास बनवाने की गुहार लगाई। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने सीसीआई फाटक के ट्रैक से रेलवे प्लेटफार्म तक नारेबाजी करते हुए चक्कर भी लगाए।
एक और प्लेटफार्म निर्माण का आश्वासन देकर बंद की गई थी सीसीआई फाटक
प्रदर्शनकारी खेमे ने बताया कि गत कांग्रेस सरकार में चार साल सीसीआई फाटक बंद की गई थी। उस समय भी स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो प्लेटफार्म निर्माण करवाकर संख्या में विस्तार कराने का तर्क देकर लोगों को जैसे-तैसे मना लिया गया। जब यह मांग ठंडे बस्ते में पड़ी नजर आई तो लोगों ने अंडरपास बनाने की मांग की। इस पर कांग्रेस सरकार ने इस्टीमेट तो बनवाया लेकिन मांग को परवान नहीं चढ़ाया।
सीएम मनोहर लाल ने एक साल पहले की थी घोषणा
19 सितंबर 2016 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर दादरी की नई अनाज मंडी में विकास रैली को संबोधित करने आए थे। इस दौरान सीएम ने गांधी नगर फाटक पर आरओबी या आरयूबी बनाने की घोषणा की थी। दो दफा सीएम के सामने मामला पहुंचने के बाद ही धरातल पर कोई कवायद शुरू नहीं थी। सीएम मनोहर लाल से पहले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने भी यह मामला जन प्रतिनिधि ने पहुंचाया था।
कृषिमंत्री को खिलाए दे मंजूरी के लड्डू, फिर भी लटकी मांग
विधायक राजदीप फौगाट सहित अन्य वक्ताओं ने कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पर भी चुटकी ली। विधायक ने कहा कि विधानसभा में भी यह मसला उन्होंने उठाया था और सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस पर काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया कि स्वयं कृषिमंत्री यहां आकर लड्डू खाकर गए थे और जल्द ही प्रपोजल व ग्रांट जारी कराने का आश्वासन दिया था। डेढ़ माह बाद भी कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई। लोगों ने नारेबाजी करते हुए कृषिमंत्री पर इस मसले पर राजनीति करने के आरोप जड़े। सांसद धर्मबीर सिंह के भी इस मांग में ढीले रवैये से लोग खफा नजर आए।
रेलवे ट्रैक के हालातों व सुरक्षा इंतजाम पर एक नजर
. हरियाणा पुलिस के 205 जवान और जीआरपीएफ के 80 जवान रहे तैनात।
. रेलवे पुलिस के करीब 15 कर्मचारी रहे तैनात।
. रेलवे व हरियाणा पुलिस की 52 महिला कर्मचारी रही तैनात।
. दादरी डीएसपी व रेलवे डीएसपी फरीदाबाद रहे तैनात।
. स्टेशन परिसर पर एंबुलेंस रही तैनात।
. करीब 150 महिलाओं सहित करीब 300 लोग ट्रैक पर डाले रहे डेरा।
. दो ट्रेनें लेट होने से करीब पांच हजार मुसाफिर हुए परेशान।
बाक्स: खुफिया तंत्र ने सौंपे 70 नाम, रेलवे पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ही किया मामला दर्ज
पुलिस सूत्रों की मानें तो रेलवे ट्रैक को जाम करने वाले लोगों में से करीब 70 के नाम हरियाणा पुलिस के खुफिया तंत्र उच्चाधिकारियों को सौंपे थे। वहीं, रेलवे पुलिस ट्रैक से उठने के बाद आंदोलनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई। हालांकि रेलवे पुलिस ने अब तक किसी नामजद पर मामला दर्ज नहीं किया है। भिवानी आरपीएफ प्रभारी एसके स्वामी ने बताया कि आंदोलनकारियों के ट्रैक पर बैठने की वीडियोग्राफी करवाई गई है। उसे देखकर ही हम रेलवे ट्रैक जाम करने वालों की पहचान करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विधायक सहित आठ नामजद व अन्य पर रेलवे पुलिस ने किया मामला दर्ज
बाक्स---करीब सवा घंटे हिसार-रेवाड़ी मुख्यमार्ग जाम रखने पर रेलवे पुलिस ने करावाई करते हुए विधायक राजदीप फौगाट सहित आठ नामजद व अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रेलवे ट्रैक के दौरान जो विडियोग्राफी करवाई गई उसके आधार पर अन्य लोगों पर मामला दर्ज होगा। विधायक राजदीप फौगाट, पार्षद महेश गुप्ता, तेजपाल चौहान, कृष्ण फौगाट, एडवोकेट विक्रम, महाबीर फौगाट, मुन्नालाल सोनी व दिनेश जागड़ा के खिलाफ रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
वर्जन::
हमने उच्च अधिकारियों से बातचीत कर ही गांधी नगरवासियों को लिखित में दो माह के अंदर मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद लोग ट्रैक से उठ गए थे और रेल सेवा बहाल हो गई थी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
सीटीएम, मनीष फौगाट
वर्जन::
रेलवे ट्रैक पर लोगों के बैठने से श्री गांगानगर व रेवाड़ी-बठिंडा दो सवारी गाड़ियां लेट हुई हैं। एक गाड़ी को हमने भिवानी तो दूसरी को झाड़ली रेलवे स्टेशन पर खड़ा रखा। लोगों के ट्रैक से उठते ही गाड़ियों का आवागमन सुचारु रूप से हुआ।
सत्यवान लांबा, स्टेशन अधीक्षक
वर्जन:
पहले कांग्रेस तो अब भाजपा इस प्रोजेक्ट को लटका रही है। प्रशासन ने सारी औपचारिकताएं पूरी करवाकर दो माह के अंदर अंडरपास निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस बार सभी गांधी नगरवासी रेलवे ट्रैक पर लेट जाएंगे और रेलवे को ट्रेन चलाने के लिए हमारी लाशों पर से गुजरना पड़ेगा। जन प्रतिनिधियों को राजनीति करने के बजाय इस मुद्दे पर जनता के हित में आकर खड़ा होना चाहिए। कुछ पार्षदों ने ऐसा ही किया जिनके समस्त गांधी नगरवासी आभारी है। बेशक रेलवे मामला दर्ज करें, हम जायज मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर उतरे थे।
राजदीप फौगाट, विधायक