मोबाइल टॉयलेट वैन करेंगी सार्वजनिक शौचालयों की कमी दूर
चरखी दादरी।
शहर में सार्वजनिक शौचालयों की कमी दूर करने के लिए नगर परिषद अब मोबाइल टॉयलेट का सहारा लेगी। इनके अलावा दो सामान्य शौचालयों का निर्माण और करवाया जाएगा। इस प्लानिंग को धरातल पर उतारने का पूरा खाका नगर परिषद अधिकारियों ने तैयार कर लिया है और इसकी डीसी विजय कुमार सिदप्पा से प्रशासनिक स्वीकृति भी ली जा चुकी है। उन्होंने एक माह के अंदर इसे प्रोजेक्ट को धरातल पर पूरा करने के निर्देश नप अधिकारियों को दे दिए। दस लाख की लागत से यह प्रोजेक्ट पूरा होगा और इसके लिए हेड ऑफिस से मंजूरी लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। नप अधिकारियों ने शहर के छह वार्डों की अलग-अलग जगहों को चयनित करने की कवायद भी पूरी कर ली है। अधिकारियों की मानें तो अगले सप्ताह इसके लिए टेंडर जारी कर संबंधित कंपनी को मोबाइल टॉयलेट वैन के ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे।
इस समय शहर में करीब दस सार्वजनिक शौचालय हैं। इनमें से कुछ तो अतिक्रमण की चपेट में हैं जबकि कुछ की हालत दयनीय है। इनमें से प्रयोग करने लायक तो 50 फीसदी ही शौचालय हैं। जरूरत को भांपते हुए नप अधिकारियों ने करीब एक माह पहले ही शहर में दो टॉयलेट का निर्माण करवाया है और इन पर करीब चार लाख तक की लागत आने की संभावना है। टॉयलेट निर्माण का विरोध करने पर नप अधिकारियों ने छत लगाकर इनको कवर कर दिया है ताकि दुर्गंध बाहर न जाए। इसी तर्ज पर नगर परिषद शहर के मुख्य बाजार में दो और नए ऐसे टॉयलेट का निर्माण कराने जा रहा है। इसके अलावा शहर के आधा दर्जन वार्डों में स्लम बस्तियों के लिए भी नप अधिकारियों ने मोबाइल टॉयलेट सेवा शुरू करने की योजना तैयार कर ली है। मोबाइल टॉयलेट वैन अस्थाई तौर पर यहां भी खड़ी की जाएगी और किसी बड़े समारोह के आयोजन पर इन्हें समारोह स्थल के समीप भी खड़ा किया जाएगा। प्राथमिक चरण में नगर परिषद छह मोबाइल टॉयलेट वेन खरीदने की योजना तैयार की है। यक कारगर साबित हुई तो छह और मोबाइल टॉयलेट वैन के ऑर्डर नप अधिकारी संबंधित कंपनी को दे देंगे।
यहां खड़ी की जाएगी मोबाइल टॉयलेट वैन
नप अधिकारियों ने बताया कि सेनेटरी शाखा को वार्डों में ऐसे स्थानों का चयन करने के निर्देश दिए गए थे जहां स्लम बस्ती हो और आसपास सार्वजनिक शौचालय न हो। इस दौरान शहर के वार्ड नंबर तीन, वार्ड नंबर 10, वार्ड नंबर 11, वार्ड नंबर 17, वार्ड नंबर 18 व लोहारू रोड के समीप ऐसी जगहों को चयनित किया जा चुका है। नप अधिकारियों का कहना है कि एक माह के अंदर ये मोबाइल टॉयलेट वैन नप के बेड़े में पहुंच जाएंगी और इसके तुरंत बाद इन्हें इन जगहों पर खड़ा करवा दिया जाएगा।
छह कर्मचारियों को सौंपी जाएगी रख-रखाव की जिम्मेवारी
शहर में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय रख-रखाव के अभाव में कंडम पड़े हैं। इनमें गंदगी के ढेर लगने व नियमित साफ-सफाई न होने से लोग इन्हें प्रयोग करने से भी तरा रहे हैं। इन कमियों को देखते हुए अधिकारियों ने मोबाइल टॉयलेट वैन के रखरखाव की प्लानिंग भी इस बार पहले ही तैयार कर ली है। सभी छह मोबाइल टॉयलेट वैन के रख-रखाव के लिए एक-एक कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा। ये कर्मचारी सुबह व शाम टॉयलेट की सफाई करेंगे।
बाक्स: डीसी की मिली मंजूरी, ऑर्डर किए जाएंगे जारी
नप अधिकारियों ने ओडीएफ स्कीम के तहत तैयार की गई यह प्लानिंग डीसी विजय कुमार सिदप्पा से भी साझा की। इस पर मंथन के बाद डीसी ने अपनी तरफ से प्रशासनिक स्वीकृति इसे प्रदान कर दी। इतना ही डीसी ने जल्द से जल्द कागजी प्रक्रिया को पूरा कर एक माह के अंदर इस सेवा को धरातल पर शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
वर्जन:
हमने मोबाइल टॉयलेट वैन खरीदने की प्लानिंग की थी। डीसी साह्ब ने भी छी मोबाइल वैन खरीदने को स्वीकृति प्रदान कर दी है। एक माह के अंदर हम चयनित जगहों पर मोबाइल टॉयलेट वैन खड़ी कर देंगे। जरूरत के मुताबिक शहर में नए शौचालयों का निर्माण भी हम करवाएंगें।
हरिकिशन शर्मा, एमई नगर परिषद