रोहतक। म्हारी रोहतक पुलिस कोरोना के खिलाफ जंग में लॉकडाउन को कामयाब बनाने के लिए लगातार 34 दिनों से सड़क पर है। फिर भी चंद जवानों को छोड़कर पूरी तरह फीट नजर आ रही है। विभाग की हेल्थ टीम के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। शुक्रवार शाम तक टीम ने 1600 जवानों व अधिकारियों की जांच पड़ताल पूरी की, जिनमें से मात्र 60 ने थकावट महसूस होने की बात कही। टीम को उनकी हेल्थ की दो बार जांच करनी पड़ी। अब वे भी फिट हैं।
जिला पुलिस के अधिकारियों व जवानों की संख्या 2 हजार के करीब हैं। इसमें 85 प्रतिशत की उम्र 50 साल से कम है। जबकि 200 के करीब 2017 व 2019 में भर्ती हुए जवान भी जिला पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते पीएम मोदी ने करीब पांच सप्ताह पहले लॉकडाउन का ऐलान किया था। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी को भी बिना अनुमति सड़क पर नहीं निकलने दिया जा रहा है। जो लोग नियमों की परवाह नहीं करते, पुलिस उनके न केवल चालान काट रही है। बल्कि केस दर्ज कर गिरफ्तार भी किया जा रहा है। जैसे-जैसे लॉकडाउन बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे पुलिस फोर्स की जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है। क्योंकि फोर्स को 24 घंटे अलर्ट रहना पड़ता है। यहीं कारण है कि पुलिस अधीक्षक ने विभाग की हेल्थ टीम की छुट्टियां रद्द कर रखी हैं। फार्मासिस्ट हरेंद्र सिंह, पीजीआई से आए हेल्थ इंस्पेक्टर रोहताश जीएनएम का कोर्स कर चुके कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, असम पुलिस से रिटायर्ड होकर रोहतक पुलिस से जुड़े श्रीकृष्ण फार्मासिस्ट व ड्राइवर परीक्षित व प्रमेंद्र को सुबह 8 से रात 11 बजे तक अलर्ट रहने की हिदायत हैं। हालांकि रात 11 बजे के बाद भी आपात स्थिति में पुलिसकर्मियों के पास जाना पड़ सकता है। लॉकडाउन के 34 दिन में पुलिस विभाग की हेल्थ टीम 15 थाने व 21 पुलिस चौकियों में पहुंच कर जांच कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक की हिदायत है कि अगर कोई पुलिसकर्मी सुबह 8 से 11 बजे तक पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में आए तो जांच करें। इसके बाद टीम खुद थाने, चौकी या नाकों पर जाकर पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच करे। जांच में सबसे पहले ध्यान रखा जाए कि कहीं खांसी, जुकाम या बुखार तो नहीं है। इसके साथ जवानों का बीपी व शूगर की भी जांच की जाती है। साथ ही सभी को मॉस्क, गलब्स और दूसरे सुरक्षा उपकरण पहने व आम पब्लिक से डीलिंग कितनी दूर से करें और क्या ध्यान रखें। यह भी बताया जाता है।
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शुक्रवार को ककराना व सांपला में पहुंचकर जवानों के स्वास्थ्य की न केवल जांच की, बल्कि सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया, जो विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पहले विभाग की हेल्थ टीम 1600 पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच कर चुकी है, जिनमें से मात्र 60 ने थकावट की बात कही। उनकी दो बार जांच की गई। अब वे भी पूरी तरह फिट हैं। बचे 400 जवानों की दो-तीन दिन में हेल्थ जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा वे पुलिसकर्मियों के परिवारों की भी काउंसिलिंग कर रहे हैं। करीब 12 जवानों ने अपने परिवारों के लिए सलाह ली है।
हरेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट जिला पुलिस
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लगातार सड़क पर खड़े होकर ड्यूटी देना आसान नहीं है। एक माह से ज्यादा का समय हो गया। रोहतक पुलिस पूरी तरह अलर्ट व सुरक्षित है। लगातार जवानों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। हेल्थ टीम जवानों के आने का इंतजार नहीं करती, बल्कि खुद हेल्थ मोबाइल टीम थाने, चौकी व नाकों पर पहुंच कर चेकअप करती है।
गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।