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ऑनलाइन 33 अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी बनी, निगम ने तहसील से पूछा, किस-किस प्रॉपर्टी की हुई रजिस्ट्री

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नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क अपनी मर्जी से ऑनलाइन दर्शाकर 33 लोगों ने ऑनलाइन अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी बना ली है। भनक लगते ही नगर निगम की टैक्स ब्रांच ने दिनभर रिकॉर्ड खंगाला और वार्ड वाइज ब्योरा तैयार किया जा रहा है। साथ ही तहसील प्रशासन से पूछा है कि 33 में से किस-किस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हुई है। उसका पूूरा ब्योरा उपलब्ध करवाया जाए। क्योंकि अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी पर बहादुरगढ़ में रजिस्ट्री बंद हो चुकी हैं। प्रदेश सरकार ने तहसीलों के अंदर भ्रष्टाचार रोकने व रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए 22 जुलाई से 15 अगस्त तक रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। 17 अगस्त से नया सिस्टम चालू किया गया। इसमें रजिस्ट्री के लिए नगर निगम से एनओसी अनिवार्य की गई। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया। अब उसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है, जिसकी एनओसी निगम टैक्स व विकास शुल्क जमा कराने के बाद जारी करता है। वहीं मंगलवार को तहसील में 80 रजिस्ट्री हुई।
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निजी ऑपरेटर ने बनाया कारोबार
एक अधिकारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में कोई व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा जमा करवाकर अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी बना सकता है। इसके लिए शहर में जगह-जगह निजी ऑपरेटर ने दुकान खोली ली है। मंगलवार को निगम का रिकॉर्ड खंगाला गया तो 33 आईडी ऐसी मिली, जो निगम की बजाये प्रॉपर्टी मालिक ने बनाई हैं।
गलत ब्योरा दिया तो हो सकती है रजिस्ट्री रद्द
नियमों के तहत ऑनलाइन प्रॉपर्टी मालिक आईडी बना सकता है। इसके लिए टैक्स व विकास शुल्क के सही आंकड़े जमा कराने पड़ते हैं। अगर गलत आंकड़े जमा करवाकर आईडी का बकाया जमा करवाया जाता है तो रजिस्ट्री रद्द हो सकती है।
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बहादुरगढ़ में बंद हो चुकी हैं अस्थायी आईडी पर रजिस्ट्री
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में 90 प्रतिशत प्रॉपर्टी की पहले से रजिस्ट्री है। दस प्रतिशत नई प्रॉपर्टी की आईडी बनाई जा सकती है, सरकार ने ऑनलाइन यह सुविधा तो दी है, लेकिन आवेदक को प्रॉपर्टी का सही ब्योरा भरना होगा। बहादुरगढ़ में शिकायतों के तहत अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी पर रजिस्ट्री बंद कर दी गई हैं।
मंगलवार को रिकॉर्ड की जांच की तो 33 आईडी ऐसी मिली, जो प्रॉपर्टी मालिक ने ऑनलाइन खुद बनाई है। तहसील प्रशासन से पूरा ब्योरा मांगा गया है कि किस-किस आईडी की रजिस्ट्री हुई है। इसके लिए कितना प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क जमा करवाया गया है।
-जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम।
मंगलवार को तहसील में 80 रजिस्ट्री हुई हैं। इसके लिए निगम से एनओसी के बाद ही टोकन लगता है। निगम की अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी पर अभी तक कोई भी रजिस्ट्री होने की जानकारी मेरे नोटिस में नहीं है।
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-सुरेश खरब, नायब तहसीलदार।
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