फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरपंच हत्याकांड के बाद गांव में बेखौफ होकर रह रहा था जग्गा

विज्ञापन
विज्ञापन
सरपंच हत्याकांड के बाद गांव में बेखौफ होकर रह रहा था जग्गा
विज्ञापन

चरखी दादरी।
क्रेटा लूट और सरपंच अनिल हत्याकांड के तीसरे आरोपी बिरही कलां निवासी जगप्रीत उर्फ जग्गा का पिछला कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह 13 अप्रैल की वारदात के बाद से ही अपने घर पर बेखौफ होकर रह रहा था। उसे 19 अप्रैल को दादरी सीआईए ने गिरफ्तार किया और तीन दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी जग्गा ने बताया कि वारदात के दो-तीन दिन बाद भी पुलिस उसके घर नहीं पहुंची तो उसे लगा वह बच जाएगा । इसीलिए अपने चौथे साथी की तरह भूमिगत नहीं हुआ। वहीं, वारदात में शामिल दीपक उर्फ दीपा ने बोस्टल जेल हिसार से फरार होने का कारण एक परिचित से कुकर्म होना बताया है।
ज्ञात रहे कि 13 अप्रैल को स्कॉर्पियो सवार चार युवकों ने हथियार के बल पर हड़ौदी निवासी जगदेव से क्रेटा गाड़ी लूट ली थी। लुटेरे रास्तों के जाल में उलझकर हड़ौदी गांव ही जा पहुंचे। जहां सरपंच अनिल कुमार ने अपनी बोलेरो गाड़ी अड़कार उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान लुटेरों ने सरपंच पर फायरिंग कर दी। गोली सरपंच की गर्दन में जा लगी। भिवानी सिविल अस्पताल पहुंचने पर सरपंच को मृत घोषित कर दिया गया। इस हत्याकांड के बाद ग्रामीणों ने तिवाला गांव निवासी परविंद्र उर्फ लीला व महम के किशनगढ़ निवासी दीपक उर्फ दीपा को गिरफ्तार किया था। परविंद्र डकैती व पुलिस कर्मी की हत्या के मामले में राजस्थान की जेल में उम्रकैद की सजा के दौरान फरार था तो दीपा भी हिसार बोस्टल जेल से फरार चल रहा था। इन दोनों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो रिमांडवधि के दौरान आरोपी परविंद्र ने पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन जब उसकी कुंडली निकाली गई तो उस पर हत्या, डकैती, लूट, हत्या का प्रयास के करीब दस मामले दर्ज मिले। पुलिस सख्ती के बाद आरोपी ने वारदातों को कबूल भी कर लिया। उसके अलावा आरोपी दीपा ने भी नौ आपराधिक वारदात कबूल की हैं।
विज्ञापन

हत्याकांड के दो आरोपी मौके से फरार होने के बाद 18 अप्रैल तक पुलिस के हाथ खाली थे। 19 अप्रैल को सीआईए प्रभारी हितेंद्र दांगी ने टीम सहित तीसरे आरोपी बिरही कलां निवासी जगप्रीत उर्फ जग्गा को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया कि पिछला आपराधिक रिकॉर्ड न होने के चलते वह बेखौफ था। इसलिए भूमिगत होने की बजाय अपने घर पर ही रह रहा था। अभी भीइ स हत्याकांड का चौथा आरोपी फरार चल रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी सहित पुलिस की तीन टीमें दबिश देने में जुटी हुई हैं।
परिचित से कुकर्म होने पर दीपा बोस्टल जेल तोड़ हुआ था फरार
सरपंच हत्याकांड का आरोपी महम के किशनगढ़ निवासी दीपक उर्फ दीपा पर भी आपराधिक मामले दर्ज है। हिसार जिले के अलावा चरखी दादरी और गुरुग्राम-दिल्ली में फायरिंग और लूट के नौ मामले दर्ज हैं। दीपक उर्फ दीपा ने पुलिस पूछताछ में बोस्टल जेल से फरार होने का कारण एक परिचित से कुकर्म होना बताया। उसने बताया कि कुकर्म की वारदात को उसके साथी ने ही अंजाम दिया था और उससे बदला लेने की ठान वह जेल से फरार हुआ था।
विज्ञापन

वर्जन::
बिरही कलां से जग्रपीत उर्फ जग्गा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद से ही वह गांव में रह रहा था और तीन-चार दिन बाद तक पुलिस न आने पर वह बेखौफ हो गया था। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें