रोहतक रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की टिकट देखकर ब्यौरा अंकित करता रेलवे का चेकिंग कर्मी। अमर उजाल?
रोहतक। ओमिक्रॉन को लेकर देश-प्रदेश में हाई अलर्ट है। इस अलर्ट की क्या हकीकत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विदेश से आने वाले 30 से अधिक यात्रियों का प्रशासन को पता तक नहीं है तो वहीं रेलवे के पास तो यात्रियों का डाटा जांचने के लिए स्टाफ तक नहीं है। ऐसे में ओमिक्रॉन संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जा सकता है।
कोरोना गाइड लाइन के तहत जिला प्रशासन एक जनवरी 2022 से फिर सख्ती करने जा रहा है। पिछले दो महीने में जिले में 600 से अधिक यात्री विदेश से आ चुके हैं। इसमें से 30 से अधिक ऐसे यात्री हैं जिनका न तो पता सही है और न ही मोबाइल नंबर। कुछ यात्रियों के इंटरनेशनल नंबर हैं जोकि एयरपोर्ट से बाहर आते ही बंद हो जाते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए इनको तलाशना मुश्किल हो गया है। यहीं हालात रेलवे के भी है। ट्रेनों से आवागमन करने वाले यात्रियों का ब्योरा तक स्टाफ एकत्रित नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह स्टाफ की कमी बताई जा रही है। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा का कहना है कि चेकिंग स्टॉफ की कमी होने की वजह से दिक्कत आ रही है। जल्द ही आवागमन करने वाले यात्रियों की टिकट का पीएनआर नंबर व ब्योरा दर्ज करने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं सीएमआई पंकज राजपाल का कहना है कि जल्द ही नियमित ब्यौरा दर्ज करने की व्यवस्था की जाएगी।
बस स्टैंड भी नहीं हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश हैं कि वह दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच कराए। लेकिन अभी तक यह जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। हैरत की बात यह है कि विदेश से आने वालों में भी उन्हीं यात्रियों पर अधिक ध्यान रखा जा रहा है जोकि हाई रिस्क वाले देशों से आ रहे हैं। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. जेएस पुनिया ने बताया कि विदेश से आने वालों में अभी कोई संक्रमित नहीं मिला है। बस स्टैंड पर भी यात्रियों की जांच नहीं हो पा रही है।
वर्जन
एक जनवरी से कहीं पर भी बगैर टीकाकरण करवाने वालों के प्रवेश की अनुमति नहीं है। सभी के लिए जरूरी है कि वह कोविड सुरक्षा गाइड लाइन के नियमों की पालना करें।
- कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त