अमर उजाला रियल्टी चेक
- अमर उजाला ने किया रियल्टी चेक
- शौचालय पर लटका मिला ताला तो टिकट खिड़की पर विकलांग टिकट खिड़की लिखा ही नहीं मिला
- हेल्प काउंटर से कर्मचारी मिला नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
लगता है रेलवे विभाग के अधिकारी रोहतक रेलवे स्टेशन पर विकलांग यात्रियों को सुविधा देने को कतई गंभीर नहीं है। मंगलवार को अमर उजाला ने रियल्टी चेक किया तो पोल खुलकर सामने आ गई। स्टेशन पर बनाए गये विकलांग यात्रियों के लिये बनाए गये शौचालय पर जहां ताला लटका मिला, वहीं टिकट वितरण कक्ष पर अलग से विकलांग टिकट खिड़की नहीं लिखा था। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कहीं है। रियल्टी चेक के दौरान अमर उजाला को रेलवे स्टेशन पर कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला।
स्थान- प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित विकलांग शौचालय, समय- दोपहर 12 बजे
विकलांग यात्रियों के लिये शौचालय तो बना है मगर उस पर ताला लटका हुआ था। यात्रियों ने बताया कि पिछले करीब एक माह से शौचालय पर ताला ही लटका हुआ है।
स्थान- विकलांग टिकट खिड़की, समय-12.20 बजे
अलग से विकलांगों के लिये कोई टिकट खिड़की ही दिखाई नहीं दी। पूछने पर एक कर्मचारी ने बताया कि टिकट खिड़की तो है मगर उसके बाहर विकलांगों के लिये टिकट खिड़की नहीं लिखा गया है। जल्द ही लिखवाया जाएगा।
स्थान- विकलांग हेल्प काउंटर, समय- 1 बजे
प्लेटफार्म नंबर एक पर ही विकलांग यात्रियों की मदद के लिये हेल्प काउंटर स्थापित किया गया। मगर यहां से हेल्प करने वाला कर्मचारी ही नदारद था। पूछने पर यात्रियों ने बताया कि पिछले कई माह से हेल्प काउंटर से कर्मचारी गायब है। शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जाता।
स्थान- विकलांगों के लिये पथ, समय- 1:20 बजे
विकलांग व वृद्धों के लिये बनाए गये इस पथ को स्टेशन से काफी दूर बनाया गया है। वह भी रेलवे ट्रैक के बीच से बना है। जान जोखिम में डालकर वृद्ध व विकलांग यात्री इस पथ से जाने को मजबूर है।
मामले की जांच की जाएगी
रोहतक रेलवे स्टेशन पर विकलांग यात्रियों को सुविधा के नाम पर यदि खानापूर्ति की जा रही है तो यह गंभीर मामला है। मामले की जांच कराई जाएगी। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- नितिन चौधरी, सीपीआरओ रेलवे