पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जताया रोष
नांगल चौधरी। लूजोता के अनुसूचित जाति के मोहल्ले में केनाल बेस्ड नहरी पानी नहीं पहुंचने से ग्रामीण बिफर गए। गुस्साए ग्रामीणों ने 11 बजे बीडीपीओ कार्यालय में धरना शुरू कर दिया। इसके बाद हलका विधायक डा. अभय सिंह यादव को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण प्रकाशचंद, रमेश कुमार, बिक्रमसिंह, पूनम, नीतू, मूर्तिदेवी, धोलाराम, महेश कुमार, बिमला आदि ने बताया कि विभाग द्वारा गांव में करीब आधा दर्जन बोरवेल लगवा रखे हैं। भूजल स्रोत सूखने के कारण अधिकांश बोरवेल नकारा हो चुके है। पेयजल समस्या बढ़ने पर ग्रामीणों को नाबार्ड परियोजना के तहत केनाल बेस्ड नहरी सप्लाई मुहैया करवा दी गई। लेकिन अनुसूचित जाति के मोहल्ले में पाइप लाइन नहीं दबवाई गई। जिसकी वजह से उन्हें दूर-दराज के मोहल्ले से पेयजल व्यवस्था करनी पड़ रही है।
अप्रैल में विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था। उस दौरान 10-15 दिन में पाइप लाइन दबवाने का आश्वासन मिला था। एक महीने इंतजार करने के बाद सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवा दी गई। इसके बाद गांव में पाइप लाइन दबाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई। लेकिन अधिकारियों ने पाइप लाइन का कनेक्शन दूसरे मोहल्ले के प्वाइंट से करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि दूर कनेक्शन करने पर मोहल्ले में पानी पहुंचना संभव नहीं होगा। स्थिति से अवगत करवाने पर अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिससे गुस्साए लोगों ने बीडीपीओ कार्यालय पर धरना आरंभ कर दिया।
-तीन घंटे तक की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि ग्रामीणों की पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार गंभीर है, किंतु अधिकारी वर्ग सक्रिय नहीं है। अधिकारी योजनाओं की लीपापोती करने में जुटे हुए हैं जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
विधायक को सौंपा ज्ञापन, मिला भरोसा
इसी दौरान नपा कार्यालय में हलका विधायक डॉ. अभयसिंह यादव पहुंचे। ग्रामीणों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया। उन्होंने गांव में अधिकारियों को भेजकर मौका निरीक्षण करवाने तथा तत्परता पूर्वक समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद संतुष्ट ग्रामीण घर रवाना हो गए।