अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को शाम साढे़ सात बजे समाप्त हो गई। इसके बाद सभी ने अपने विभागों में जाकर काम संभाल लिया। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने उनकी मांगों को मान लिया है। उनकी मुख्य मांग बेसिक सैलरी में संशोधन के लिए अधिकारियों ने दस दिन का समय लिया है। मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हड़ताल समाप्त की है।
एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जंगबीर ग्रेवाल ने बताया कि डॉक्टरों की मेजर डिमांड मान ली गई है। उनका सातवें पे कमीशन के तहत एनपीए मिलेगा और कांट्रेक्ट के एसआर का एनपीए व एचआरए भी मिलेगा। उनकी बेसिक एसीआर की गड़बड़ी के संशोधन के लिए डीजीएमआर को भेजा गया है, इसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। अधिकारियों की ओर से उनकी मांग माने जाने पर सभी ने हड़ताल वापस ले ली है। रविवार को हड़ताल का पांचवां दिन था और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। आपात विभाग, ओपीडी व धनवंतरी अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सीनियर डॉक्टरों को काम करना पड़ रहा था।
शाम चार बजे बैठक में लिया फैसला
1. एनपीए पांच अक्तूबर को सरकार से आ गया है। इसमें नया एनपीए अप्रूव हो गया है।
2. एनपीए सीनियर रेजिडेंट व जूनियर रेजिडेंट को नए एनपीए के साथ सैलरी मिलेगी।
3. बेसिक सैलरी के फर्क पर डीन एकेडमिक अफेयर की चंडीगढ़ वित्त विभाग और डीएमईआर से बात हो गई है। दस दिन का समय इसे सही करने के लिए मांगा गया है। गलती सही होते ही एरियर भी तुरंत दिया जाएगा।
4. हड़ताल के दौरान डॉक्टरों पर हर्जाना नहीं लगेगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इसे अवकाश में बदल दिया जाएगा।
5. एचसीएमएस के डॉक्टरों की सैलरी की समस्या के लिए डीजी एचएस से बात की जाएगी।