सिटी थाना परिसर में दो पक्ष भिड़े , लात-घूंसे चले
चरखी दादरी।
दहेज प्रताड़ना के मामले में मंगलवार को सिटी थाना परिसर में राजीनामा करने पहुंचे वर और वधु पक्ष आपस में भिड़ गए। थाना परिसर के अंदर दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले। पुलिस कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। बाद में किसी भी पक्ष की तरफ से लिखित शिकायत पुलिस को नहीं सौंपी गई। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि दोनों पक्षों ने मिल बैठकर विवाद सुलझा लिया। इससे पहले करीब 20 मिनट तक हंगामे की स्थिति रही और थाना परिसर के बाहर काफी लोग एकत्र हो गए।
सिटी थाना पहुंचे एक पक्ष से निमली निवासी नितानंद ने बताया कि वह फिलहाल दादरी के प्रेम नगर में अपने परिवार सहित रह रहा है। उसने अपनी बेटी मुकेश व अनीता की शादी करीब दो साल पहले चैहड़ निवासी अनिल व रविंद्र से की थी। लड़कियों के पिता ने आरोप लगाया गया कि वर पक्ष के लोग लगातार उनसे दहेज की मांग करते थे और यह डिमांड पूरी न करने पर उसकी बेटियों से मारपीट करते थे। उन्होंने बताया कि दो नवंबर को भी उसकी दोनों बेटियों के साथ मारपीट की गई। उसकी बेटियों ने फोन पर मामले की सूचना उन्हें दी। नितानंद ने बताया कि जब तीन नवंबर को वहां चैहड़ पहुंचे तो लड़के पक्ष वालों ने उनसे भी मारपीट की और उन्होंने मामले की शिकायत चैहड़ पुलिस चौकी में थी दी। नितानंद ने बताया कि ससुराल पक्ष के रवैये में सुधार न होने पर उसकी बेटियों ने गत 10 नवंबर को दहेज प्रताड़ना की शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी थी। नितानंद का आरोप है कि मंगलवार को वो इस सिलसिले में थाने पहुंचे थे। नितानंद की बेटी मुकेश ने बताया कि वह सिटी थाना परिसर में खड़े ऑटो में बैठी हुई थी और वहां आते ही उसके पति अनिल, जेठ व देवर ने उस पर हमला बोल दिया और इसके बाद ही दोनों पक्ष आपस में भिड़े गए। महिला पक्ष ने लड़के पक्ष पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है। महिला पक्ष की तरफ से नीमली सरपंच त्रिलोक, रत्न सिंह, ओमप्रकाश, गुलाब व अशोक सहित कुछ अन्य लोग थाने पहुंचे थे।
वहीं, अनिल व रविंद्र के पिता चैहड़ निवासी श्याम कुमार ने बताया कि वो मंगलवार सुबह करीब दस बजे दादरी आए थे और इसके बाद सिटी थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि रविंद्र व अनिल की मां मंजू देवी, बलवान, महावीर, सतीश, निहाल सिंह, संतोष व लक्की आदि सिटी थाना परिसर में बैठे हुए थे कि इसी दौरान थाना परिसर पहुंचते ही लड़की पक्ष वालों ने उन पर हमला बोल दिया। श्याम कुमार ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी जब लड़की पक्ष वाले उनके गांव चैहड़ पहुंचे थे तब भी उन पर हमला किया गया था। उन्होंने बताया कि थाना परिसर में भी लड़की वालों ने पहले उन पर हमला बोला है।
बाइक चलाने को लेकर होता था विवाद
अनिल व रविंद्र के पिता श्याम कुमार ने बताया कि उनके घर में बाइक को लेकर कलह होती थी। उन्होंने बताया कि लड़कियों के पिता ने एक बेटी को बाइक दी थी जबकि दूसरे के खाते में 60 हजार रुपये की नकदी डलवाई थी। उन्होंने बताया कि उसकी बड़ी बहू छोटे बेटे को बाइक नहीं चलाने देती थी और बाइक की मांग करने पर ही घर में कलह होती थी।
20 मिनट तक हंगामा देखते रहे राहगीर
थाना परिसर में मंगलवार सुबह करीब 20 मिनट तक हंगामे की स्थिति रही। दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज व लात-घूंसे चलने से कुछ लोगों को चोटें भी आई। थाना परिसर के बाहर से गुजरने वाले लोगों ने भी रूककर सड़क से ही यह हंगामा देखा। इसके तुरंत बाद पुलिस कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए हमला बोलने वाले कुछ लोगों को काबू भी किया।
वर्जन::
दोनों पक्षों में समझौता हो गया है और किसी भी पक्ष की तरफ से मारपीट संबंधी कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर विवाद सुलझा लिया।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता