अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
कैशलेस के दौर में साइबर क्राइम भी बढ़ रहा है। साइबर क्रिमिनल इतने एडवांस हैं कि वे उपभोक्ताओं और बैंकों से भी दो कदम आगे चल रहे हैं। हाल यह है कि अब बैंक के टोल फ्री नंबर तक सेफ नहीं हैं। पहली बार जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है कि एक लेडी लेक्चरर को टोल फ्री नंबर पर बैंककर्मी को दी गई सूचना के आधार पर ही ठगी का शिकार बना लिया गया। मामला बैंक प्रबंधन के समझ से भी बाहर है। फिजिकल एजुकेशन लेक्चरर नीलम आर्य ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। उन्होंने उनकी शिकायत पर धोखाधड़ी और चोरी का केस दर्ज कर लिया है।
शिकायत में आजाद नगर क्षेत्र के नवदीप कॉलोनी में रहने वाली नीलम आर्य ने बताया कि वे पाबड़ा गांव में फिजिकल एजुकेशन की लेक्चरर है। उनका सेक्टर-15 स्थित एक बैंक में खाता है। उन्होंने 10 जुलाई को लघु सचिवालय स्थित एक बैंक के एटीएम से रुपये निकलवाने चाहे, लेकिन एटीएम जंप कर गया और राशि नहीं निकली, लेकिन उसके खाते से रुपये निकल गए। लेक्चरर आर्य ने एटीएम के अंदर से टोल फ्री नंबर लिया और शिकायत दर्ज करवा दी। टोल फ्री नंबर पर बैठे बैंक कर्मचारी ने उन्हें शिकायत नंबर दे दिया। टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के कुछ ही देर बाद एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। उन्होंने वही बात और वही जानकारी शिकायत नंबर तक बता दिए कि आपका ये शिकायत नंबर है। कुछ देर बात करने के बाद उसने कॉल कट कर दी। उसके बाद उसके खाते से 11 हजार रुपये कम होने का मैसेज आ गया। जैसे ही उनके पास मैसेज आया उन्होंने फिर टोल फ्री नंबर पर कॉल कर पूरा मामला बताया। टोल फ्री नंबर पर बैठे कर्मचारी ने फिर उन्हें एक शिकायत नंबर दे दिया। नीलम आर्य ने इस पर आपत्ति भी जताई कि आखिर ये बात लीक कहां से हुई। वे फिर बैंक में गई और पूरा मामला बताया। बैंक अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये पैसे खाते से निकले हैं। मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को दे दी। सदर थाना पुलिस ने उनके बयान पर चोरी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।