रोहतक। सुपवा के विद्यार्थियों की भूख हड़ताल दूसरी दिन भी जारी रही है। दूसरे दिन तीन अन्य छात्रों ने भूख हड़ताल की। विद्यार्थियों के क्रमिक अनशन के बावजूद विवि प्रशासन की ओर से कोई न तो उनसे मिलने आया और न ही किसी ने उनकी समस्या के समाधान का प्रयास किया। वहीं विवि प्रशासन ने सात और विद्यार्थियों को नोटिस जारी करते हुए दस अप्रैल के घटनाक्रम में शामिल होने की बात कही है। इन विद्यार्थियों को सोमवार को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। विद्यार्थियों के नहीं जाने पर कमेटी इन्हें विवि से बाहर का रास्ता दिखा सकती है। इधर, विवि से 14 विद्यार्थियों के निष्कासन व अन्य मांगों को लेकर पिछले 21 दिन से अड़े अनशनकारियों से रविवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की।
सुपवा के विद्यार्थियों की शनिवार को शुरू हुई भूख हड़ताल रविवार दूसरे दिन भी जारी रही। रविवार को छात्रा दुपिंद्र कौर, छात्र अक्षित शर्मा व अजय आलोक 24 घंटे की क्रमिक अनशन पर रहे। शनिवार को अनशन पर बैठे अमन पुनिया की हालत स्थिर बनी हुई है। शनिवार रात 12 बजे डीएसपी पृथ्वी सिंह ने विद्यार्थियों को समझाकर अमन को एंबुलेंस से पीजीआईएमएस भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने उनकी जांच व इलाज के बाद उसे वापस भेज दिया।
ये है मामला
सुपवा के एफटीवी विभाग के विद्यार्थियों ने सात मई को मास कम्यूनिकेशन का पीजी कोर्स व कोर्स में सीटों को बढ़ाने के विरोध में धरना शुरू किया था। इसके तीन दिन बाद 10 मई को रजिस्ट्रार प्रो. भारती शर्मा विद्यार्थियों को समझाने पहुंचीं। यहां विद्यार्थियों व रजिस्ट्रार के बीच काफी बहस हुई। इसके बाद रजिस्ट्रार ने वीसी को विद्यार्थियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विवि की अनुशासन कमेटी ने 13 मई को 14 विद्यार्थियों को निष्कासित कर दिया। दूसरी ओर कोर्ट से भी विद्यार्थियों को कैंपस में प्रदर्शन न करने के आदेश मिले। इसके बाद से मामला तूल पकड़ता गया और विद्यार्थियों के अभिभावकों ने विवि के चक्कर लगाने शुरू किए। इसी बीच वीसी प्रोफेसर राजबीर सिंह ने 21 मई को प्रेस कांफ्रेंस में 2014-15 बैच के 17 विद्यार्थियों के कोर्स को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित कर दी। इन विद्यार्थियों को 15 जून तक का समय दिया गया है, अगर तय समय सीमा तक यह अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाएंगे तो इन्हें अपनी जेब से खर्चा करना होगा। वीसी के इस फैसले के बाद 22 मई से विद्यार्थियों ने विवि के प्रवेश द्वार पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।