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रूस की ई कैटरिना पर भारी पड़ी रोहतक की ज्योति

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रूस की ई कैटरिना पर भारी पड़ी रोहतक की ज्योति
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- बॉक्सिंग मुकाबले के 51 किलो भार वर्ग में जीता गोल्ड मेडल
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रूस की ई कैटरिना को मात देते हुए रोहतक की ज्योति गुलिया ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है।
महिला बॉक्सर ने 51 किलो वेट में अपनी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को चित कर यह जीत हासिल की है। ज्योति की इस जीत पर विभिन्न बॉक्सिंग क्लबों के अलावा खेल जगत के लोगों ने खुशी जताई है और ज्योति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बॉक्सर ज्योति के कोच विजय हुड्डा ने बताया कि रुड़की की रहने वाली बॉक्सर शहीद बतून सिंह स्टेडियम में अपनी प्रेक्टिस करती है। वह दस साल की आयु से ही प्रेक्टिस कर रही है और अब 17 साल की आयु में उसने चैंपियनशिप जीती है। कोच ने बताया कि ज्योति ने यह जीत यूथ वूमैन वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2017 में हासिल की है। यह चैंपियनशिप असम के गुहाटी में 19 से 26 नवंबर तक आयोजित हुई।
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ज्योति के भाई प्रवीण गुलिया ने छोटी बहन की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ज्योति गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं की छात्रा है। उसके पिता मामन सिंह एक किसान और मां रोशनी देवी गृहणी हैं। ज्योति पहले भी पहले इंटरनेशनल चैंपियनशिप सर्बिया में बेस्ट बॉक्सर का अवार्ड जीतने के अलावा दिल्ली में नेशनल चैंपियन बन चुकी हैं। प्रवीण बताते हैं कि घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं है, लेकिन ज्योति के हौसले को देखते हुए वह उसकी हर संभव मदद करते हैं। ज्योति का सपना है कि वह 2020 में होने वाले वर्ल्ड कप में गोल्ड मैडल जीते और देश का नाम रोशन करे।
प्रवीण ने बताया कि ज्योति के अलावा दो भिवानी की व एक हिसार की लड़की ने भी गोल्ड जीता है। ज्योति ने 51 किलो वेट में, नीतू भिवानी ने 48 किलो में, साक्षी चौधरी भिवानी ने 54 किलो में व हिसार की शशि चोपड़ा ने 57 किलो में गोल्ड जीता है। भिवानी की दोनों महिला बॉक्सर रोहतक साई बॉक्सिंग सेंटर में प्रेक्टिस करती हैं, जबकि ज्योति गुलिया गांव के स्टेडियम में अपनी प्रेक्टिस करती हैं। यहां गांव के कई लड़के-लड़कियां बॉक्सिंग कोच विजय हुड्डा से प्रशिक्षण लेते हैं।
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ज्योति गुलिया ने गोल्ड मैडल जीत का साबित कर दिया है कि गांव की लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। यदि वह मेहनत और लग्न से प्रयास करें तो वह हर मुकाम तक पहुंच सकती है। ज्योति गुलिया से हम बड़ी उम्मीद करते हैं और आने वाले समय में वह लड़कियों के लिए एक मिसाल साबित होंगी।
- संजीव कुमार, बॉक्सिंग कोच, आर्य बॉक्सिंग स्पोर्ट्स क्लब
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