अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सिंगापुर की तर्ज पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग प्रदेश भर में अपने ग्रामीण एरिया के जल घर स्थित वाटर टैंकों की क्षमता बढ़ाएगा। विभाग को जल घर बनाने के लिए जगह न मिल पाने की वजह से यह कदम उठाया जाएगा। विभाग जल घर में बने वाटर टैंक को ऊपर उठाकर उसकी क्षमता बढ़ाएगा।
सूत्रों के अनुसार पब्लिक हेल्थ विभाग के चीफ इंजीनियर ग्रामीण सुजाना राम शनिवार को रोहतक ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर आए थे। उन्होंने सर्किल कार्यालय में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बताया कि प्रदेश का सबसे पहला प्रोजेक्ट प्रपोजल महम एरिया में शुरू करेंगे। इसके लिए एसडीई अपना प्रोजेक्ट बना कर उनके पास भेजे। इस प्रोजेक्ट के लिए वह पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग के अधिकारियों से भी चर्चा कर लें। इसके साथ ही शीर्ष अधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि सीएम की घोषणाओं को पूरा करने में कोई कोताही न बरते। विभाग में यदि किसी को समस्या है तो उनसे बात करे, यदि भ्रष्टाचार में कोई पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि अधिकारी ने सिंगापुर की 57 मंजिला इमारत का उदाहण देते हुए कहा कि वहां टाप फ्लोर पर जब सवा किलोमीटर में स्वीमिंग पुल बन सकता है तो हम जल घर के वाटर टैंक पर एक और टैंक क्यों नहीं बना सकते। यदि एलिवेटेड रोड की तरह टैंक पर टैंक बनाया जाए तो जगह की कमी के साथ लोगों की समस्या का भी समाधान हो सकता है। वहीं सूत्रों का दावा है कि कुछ शिकायतों के मामले पर अधिकारी ने कुछ अधिकारियों की मौके पर खासी खिंचाई भी की है।
प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो दूर होगी सबकी समस्या
नहरी विभाग अकसर दावा करता है कि वह पूरा पानी पब्लिक हेल्थ को देते हैं। इसके बावजूद शहर में हर बार पानी की किल्लत बनी रहती है। जबकि पब्लिक हेल्थ विभाग का कहना होता है कि उनके वाटर टैंक की क्षमता से अधिक शहर की आबादी है। वह वाटर टैंक की क्षमता बढ़ा नहीं सकते, इसलिए उन्हें नये वाटर टैंकों की जरूरत है। यदि यह प्रोजेक्ट पास हो जाता है तो पूरे प्रदेश की पेयजल संबंधी समस्या का समाधान हो जाएगा।