अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पहली जुलाई से पूरे देश में नई कर प्रणाली के तहत जीएसटी कानून लागू तो कर दिया गया, मगर अभी तक यह जमीन पर नहीं उतर सका है। कानून पेचीदा होने का हवाला देकर देशभर के विभिन्न व्यापारियों ने इसका विरोध भी खूब किया। देर सवेर वह इसे स्वीकार कर रिटर्न भरने के लिए आगे आ रहे हैं तो विभागीय साइट साथ नहीं दे रही है। यह हैंग होकर कई-कई घंटे तक ठप पड़ जाती है।
जुलाई महीने की सेल्स रिटर्न भरने के लिए 10 सितंबर आखिरी दिन है। शहर के व्यापारियों ने बताया कि साइट काम नहीं की वजह से रिटर्न नहीं भरी जा रही है। उन्होंने बताया कि साइट पर डिटेल डालने के लिए बैठते हैैं तो यह हैंग हो जाती है और बीच में ही काम अटक जाता है। पूरे महीने का काम निपटाने के बावजूद भी व्यापारी रिटर्न नहीं भर पा रहे।
ऐसे भरी जाती है रिटर्न
जीएसटी रिटर्न एक महीने में तीन बार भरनी होती है। महीने में सबसे पहले जीएसटीआर-1 की रिटर्न भरी जाती है, जिसमें दुकान पर बिके पूरे माल की सेल्स दिखानी होती है। इसके बाद जीएसटीआर-2 की रिटर्न भरनी होती है, जिसमें खरीद की जानकारी बतानी होती है। इनके बाद जीएसटीआर-3 रिटर्न भरनी होती है जिसमें सेल्स और परचेज सहित टैक्स संबंधी पूरी डिटेल देनी होती है।
साइट में खराबी को देखते हुए बढ़ाया गया समय
सरकार ने साइट में खराबी वाली दिक्कत देखते हुए कई बार रिटर्न भरने की तारीख को बढ़ाया भी है। अभी जुलाई की जीएसटीआर-1 की तारीख 10 सितंबर को खत्म हो रही है। इसके अलावा इसी महीने की जीएसटीआर-2 की आखिरी तारीख 25 सितंबर और जीएटीआर-3 की रिटर्न भरने के लिए 30 सितंबर आखिरी दिन होगा। अगस्त में जीएसटीआर-1 के लिए 5 अक्तूबर, जीएसटीआर-2 के लिए 10 अक्तूबर और जीएसटीआर-3 के लिए 15 अक्तूबर आखिरी तारीख होगी।
बिना जानकारी कैसे भरें रिटर्न
अभी किला रोड के व्यापारी रिटर्न नहीं भर सके हैं। साइट स्लो होने के कारण सरकार ने रिटर्न भरने का समय जरूर बढ़ा दिया लोगों को जानकारी मुहैया नहीं कराई। जीएसटी के तहत बिल तो काटे जा रहे हैं। प्रणाली लागू होने के बावजूद रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही है।
बिट्टू सचदेवा, व्यापारी नेता, किला रोड़
साइट पड़ी ठप कैसे भरें रिटर्न
हमने न चाहते हुए भी इस कानून को स्वीकार करना पड़ा। अब इसके नियम के तहत काम करने को तैयार हैं तो साइट ही काम नहीं कर रही है। रिटर्न भरने बैठते हैं तो बीच में ही काम अटक जाता है। व्यापारियों के सामने बड़ी मुसीबत है कि वह व्यापार करें या इसी उलझन में फंसे रहे।
- गुलशन डंग, प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल
जीएसटी रिटर्न के लिए पूरे देशभर का एक ही पोर्टल है। कई बार सर्वर डाउन रहने की वजह से व्यापारियों को रिटर्न भरने में परेशानी हो रही है। यह बात उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और इसका भी समाधान जल्द निकाला जाएगा।
- एसके बोड़वाल, उप आबकारी और कराधान आयुक्त (बिक्री कर)