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इंद्र देवता की मेहरबानी से पुराने से नए भवन में शिफ्ट हुआ नागरिक अस्पताल

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिवानी मंडी।
जो काम सरकार एक साल पहले लोगों के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बावजूद नहीं कर पाई वह बुधवार को शहर में इंद्र देवता की मेहरबानी से हुई झमाझम बरसात ने कर दिखाया। बरसात के बाद शहर के पुराने अस्पताल की छतें टपकने लगी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को एक साल पहले बनकर तैयार हो चुकी नई बिल्डिंग में बिना किसी उद्घाटन के शिफ्ट होना पड़ा। इंद्र देवता की मेहरबानी की वजह से सही लेकिन पुराने अस्पताल का सामान बुधवार को नए भवन में पहुंचा दिया गया है। अब लोगों को उपचार के लिए पुराने भवन की बजाए नई बिल्डिंग में ही जाना होगा। यह बात अलग है कि अस्पताल में अभी कोई स्थायी चिकित्सक लोगों को उपलब्ध नहीं होगा। इससे लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

गौरतलब है कि एक साल पूर्व शहर का 50 बिस्तरों का नया अस्पताल बन कर तैयार हो चुका था और अपने उद्घाटन का इंतजार कर रहा था। करीब 6 माह पूर्व सीएम द्वारा इसके उद्घाटन को लेकर चर्चा चली तो स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तमाम तैयारियां शुरू कर दी। इसके तहत यहां एक्स-रे की मशीन, पूरे भवन में पंखों के अलावा बिजली का नया कनेक्शन भी ले लिया गया। ऐन मौके पर सरकार के ही एक मंत्री की नाराजगी की वजह से मुख्यमंत्री को अस्पताल के इस उद्घाटन समारोह को टालना पड़ा। इसे लेकर लोगों ने काफी विरोध प्रदर्शन भी किया लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। लोगों ने 9 जुलाई को सिवानी आ रहे सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली में नए अस्पताल के भवन को चालू करने का मामला उठाने का भी निर्णय लिया हुआ था।
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नए भवन में शिफ्ट हुआ अस्पताल
एक ओर जिस नए अस्पताल में सेवाएं शुरू करवाने को लेकर लोग सीएम से मिलने से लेकर आंदोलन तक की बात कर रहे थे तो वहीं बुधवार को झमाझम बारिश के बाद बिना किसी सिफारिश के यह काम संभव हो गया। बुधवार को झमाझम बारिश हुई तो जर्जर भवन की छतें जवाब दे गई। छतों से पानी टपकने लगा जिसे अस्पताल में विभाग को दवाइयों और उपकरणों के खराब होने का डर सताने लगा। लगातार बारिश के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और विभाग को पुराना भवन छोड़कर बिना किसी उद्घाटन के नए भवन में मजबूरन शिफ्ट होना पड़ा।

इलाज के लिए नए अस्पताल आना होगा
पुराने भवन से नए भवन में यहां का अस्पताल बुधवार को शिफ्ट कर दिया गया है। लोगों को अब अस्पताल में उपचार के लिए पुराने नहीं बल्कि नए भवन में आना होगा। सीएम के आगमन से पूर्व इंद्र देवता की मेहरबानी से शिफ्ट हुए नए भवन में हालांकि स्थायी रूप से चिकित्सकों की अभी नियुक्ति नहीं हुई है लेकिन लोगों ने अब इसे मामले को नए सिरे से उठाने का निर्णय लिया है। लोगों का कहना है कि चाहे कैसे भी हो पुराने से नए अस्पताल में सामान चला तो गया लेकिन वे अब यहां चिकित्सकों की नियुक्ति के मामले को जोर-शोर से उठाएंगे।

जर्जर भवन के गिरने का था डर : एसएमओ
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण अस्पताल की छतों से बरसात का पानी बहने लगा था। इससे दवाइयां और उपकरण खराब होने का अंदेशा बना हुआ था। असुरक्षा के माहौल को देखते हुए पुराने अस्पताल से उन्हें नए भवन में शिफ्ट होना पड़ा। अब शहर के लोगों को नए भवन में ही इलाज के लिए आना होगा।
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अमर उजाला ने उठाई थी आवाज
शहर के लिए अति महत्वपूर्ण नए अस्पताल के इस मामले को सबसे पहले अमर उजाला ने ही उठाया था। 13 जून के अंक में अमर उजाला ने नये का पता नहीं, पुराने अस्पतालों से तैनात चिकित्सक हो गए रिलीव के शीर्षक से इस समाचार को प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशन के बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और लोगों ने सीएम के सिवानी आगमन पर इस मामले को जोर-शोर से उठाने की बात भी कही थी।
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