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कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल में 150 बेड, 35 वेंटिलेटर, 70 ऑक्सीजन बेड

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सामान्य अस्पताल में निक्कू के लिए तैयार होता आईसीयू वार्ड। अमर उजाला
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रोहतक। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए 150 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां 35 वेंटिलेटर के अलावा 70 बेड पर ऑक्सीजन सुविधा मुहैया कराई गई है। यही नहीं, जल्दी ही 50 और बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट लगाए जाएंगे। मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए 500 लीटर क्षमता का प्लांट लगाया गया है।
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महामारी का खतरा मरीजों की संख्या के साथ हर दिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को 275 नए मरीजों के साथ जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 1337 पहुंच गई है। जबकि 136 मरीज स्वस्थ हुए हैं। ठीक हुए मरीजों से ज्यादा आंकड़ा बीमार होने वालों का है। इस कारण मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। यह संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। फिलहाल राहत यह है कि मरीज घरों में उपचाराधीन हैं। अस्पताल के बेड खाली हैं। सिविल अस्पताल में अभी दो बंदी उपचाराधीन हैं। उन्हें सुरक्षा पहरे में यहां रखा गया है।
कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेते हुए तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। यही वजह है कि 100 बेड वाले सिविल अस्पताल में 150 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां आईसीयू को भी खासतौर पर तैयार किया गया है। अस्पताल के तीन अलग अलग कमरों में 35 बेड आईसीयू के लिए तैयार किए गए हैं। यहां आधुनिक सुविधा संपन्न सभी उपकरण मरीजों के लिए मुहैया कराए गए हैं। इसमें वेंटिलेटर, कम्प्यूटर सिस्टम व अन्य उपकरण शामिल हैं। बच्चों के लिए भी 12 बेड आईसीयू तैयार किया गया है। यहां भी बच्चों के उपचार संबंधी सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। संक्रमण के सामान्य मरीजों के लिए 70 बेड पर ऑक्सीजन भी मुहैया कराई गई है। इससे जरूरत पड़ने पर मरीज को वहीं ऑक्सीजन दी जा सकती है। यहां 50 और बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट लगवाए जाने हैं। इस ओर प्रयास जारी है। जल्दी ही यह काम भी पूरा हो जाएगा। इस बार दूसरी लहर की तरह मरीजों को ऑक्सीजन किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास तीन ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें से एक सामान्य अस्पताल में है। इसके अलावा एक-एक प्लांट कलानौर व महम में लगाया गया है।
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पीजीआई में 1000 बेड, 920 पर ऑक्सीजन
महामारी के आंशिक खतरे को देखते हुए पीजीआई प्रशासन भी अलर्ट है। यहां संक्रमित मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए 1000 बेड की व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया है। इनमें से करीब 920 पर ऑक्सीजन सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके अलावा 202 आईसीयू बेड हैं। संस्थान में 206 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व एक हजार डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद हैं। कोरोना मरीजों के लिए ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में तबदील कर दिया गया है। ओपीडी सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
वर्जन:
महामारी के खतरे से निपटने की पूरी तैयारी है। अस्पताल में 150 मरीज भर्ती करने की व्यवस्था है। आईसीयू के 35 बेड हैं। बच्चों के लिए भी 12 बेड रखे गए हैं। स्टाफ को वेंटिलेटर प्रयोग करने की जानकारी दी गई है। उपकरणों अन्य संसाधनों के अलावा दवा भी उपलब्ध है। ऑक्सीजन किल्लत से निपटने के लिए ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया गया है।
- डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल।
वर्जन:
दूसरी लहर में मची अफरातफरी को देखते हुए इस बार बेहतर तैयारी की है। यहां 1000 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। यही नहीं 920 बेड पर ऑक्सीजन सुविधा मुहैया कराई गई है। इससे मरीजों को ऑक्सीजन किल्लत का सामान नहीं करना होगा। मरीजों को भर्ती कर उपचार देने के लिए पर्याप्त स्टाफ के अलावा अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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- डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।
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