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जल घर दो व तीन की लीकेज सही करने में हर साल हो रहे 20 लाख खर्च

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जनता कॉलोनी और राजेंद्र कॉलोनी में कम नहीं हुई समस्या, पब्लिक हेल्थ विभाग कर रहा खानापूर्ति
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हैडिंग : अब सुभाष पार्क में भी पीलिया फैलने का खतरा
-जल घर दो और तीन की लीकेज सही करने में हर साल हो रहे 20 लाख खर्च, फिर भी नहीं हो पा रहा निदान
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पब्लिक हेल्थ विभाग जल घर दो व तीन के अंतर्गत आने वाले एरिया की लीकेज सही करने के लिए हर साल 20 लाख रुपये निजी ठेकेदार को अदा करता है। इसके बावजूद जनता कॉलोनी, राजेंद्रा कॉलोनी और आसपास के एरिया में लोगों को दूषित पेयजल सप्लाई में मिल रहा है। इसका असर यह हो रहा है कि पीलिया के रोगियों की संख्या इस क्षेत्र में बढ़ रही है और अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अब तक इन कॉलोनियों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है वहीं बुधवार को सुभाष पार्क मोहल्लावासियों ने भी घरों में दूषित पेयजल सप्लाई आने की शिकायत की। इससे यहां भी पीलिया फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
शहर में पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी जल घर एक, दो और तीन के पास है। इसमें जल घर एक और दो के पास 30-30 हजार व तीन पर 12 हजार पानी के कनेक्शन हैं। विभाग ने लीकेज सही करने के लिए जल घर दो व तीन का टेंडर एक निजी ठेकेदार को दिया हुआ है। जबकि जल घर एक के क्षेत्र में अधिक लीकेज होने के चलते टेंडर किसी ने आवेदन नहीं किया। विभाग इसका सारा कार्य अलग-अलग काम के हिसाब से कुटेशन टेंडर पर करवाता है। जबकि स्थिति यह है कि पूरे शहर में अधिकांश स्थानों पर दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। हालांकि, अधिकारी यह बात कह कर पल्ला झाड़ते हैं कि शिकायत मिलने के बाद लीकेज तलाशने में समय लगता है। जो लीकेज ओपन होती है उसे तीन दिन में सही कर दिया जाता है। इसके लिए बाकायदा नियम है कि यदि ठेकेदार तीन दिन में लीकेज सही नहीं करता तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है। लेकिन समस्या जमीन के अंदर बिछी लाइनों की गड़बड़ी तलाशने में आती है।
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दो माह से सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल की समस्या की बात पर अधिकारी का रवैया
बोले-जूनियर अधिकारी को बताओ अपनी सारी समस्या और काट दिया फोन
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सुभाष नगर में दो माह से सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। इसकी शिकायत जब एक पीड़ित ने कार्यकारी अभियंता से की तो उन्होंने यह कह कर फोन काट दिया कि वह जूनियर अधिकारी को अपनी सारी समस्या बता दें। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जूनियर को समस्या बताकर थक गए और सीनियर सुनते नहीं हैं, ऐसे में वह क्या करें?
स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी गली में अब दो मुख्य लाइनों से पानी आता है। इसमें एक हिस्सा मंदिर के साथ लगने वाला एरिया है और दूसरा सुभाष पार्क के दूसरे छोर पर है। सारा गंदा पानी इसी लाइन से सप्लाई में आता है। मंदिर की ओर गली में रहने वाले लोगों ने अपनी पहुंच के दम पर अपनी पेयजल लाइन मंदिर की ओर से आ रही लाइन से जुड़वा ली और उनकी समस्या का समाधान हो गया। जबकि दूसरी छोर वाले आज भी दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि पीने के पानी में सीवर की बदबू और गंदगी आती है। अधिकारी मौके पर आते हैं और आश्वासन दे कर चले जाते हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता।

बोले आम जन
15 दिन से पानी में बदबू और गंदगी आ रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। जमीन के पानी से काम चलाना पड़ रहा है। घर पर आरओ सिस्टम न हो तो पीने के लिए एक बूंद पानी भी नहीं है।
-सावित्री देवी

पानी में इतनी गंदगी आ रही है कि भतीजे के फेफडे़ में संक्रमण हो गया है। उसका उपचार चल रहा है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं होते।
-सोनू

डेढ़ माह हो गया है साफ पानी नहीं मिल रहा है। अधिकारी सड़क खोद चुके हैं, लेकिन समस्या का अंत नहीं हो रहा है। शिकायत करके थक चुके हैं, पर समाधान नहीं हो रहा है।
-अजय

दो सप्ताह से पानी खराब आ रहा है। एसडीई को फोन किया था, बोलते हैं कल स्टाफ को भेजूंगा। बाद में फोन किया तो वह बोले मैं खुद बीमार हूं। इस पर किसे क्या बोलें।
-चांद सिंह

अधिकारी को फोन पर समस्या बताई तो बोले जूनियर को फोन करो और फोन काट दिया। जब शीर्ष अधिकारियों का यह हाल है तो जूनियर अधिकारी क्या काम करेंगे।
-नवीन कपूर

एक माह होने जा रहा है, साफ पानी नहीं है। पेयजल में गंदगी आती है। इसलिए अब पानी के कैंपर मंगा कर काम चलाया जा रहा है। बाकी का काम जमीनी पानी से कर रहे हैं।
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-प्रेम कुमारी

बोले अधिकारी
एक सप्ताह से दूषित पेयजल के कारणों को तलाशा जा रहा है। एक बार पहले समस्या आई थी, उस समय सही करा दिया गया था। अब कहां गड़बड़ी हुई है, जांच कर रहे हैं। फाल्ट मिलते ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
-एनके गर्ग, एसडीई, पब्लिक हेल्थ
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