अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। वैश्य संस्था में नए आरओ की नियुक्ति के बाद ही सख्त माहौल दिखाई देने लगा है। आरओ अमित गुलिया ने वीरवार को निर्वाचन मंडल और ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। वहीं, चुनाव की पारदर्शिता को लेकर कई फैसले भी लिए। चुनाव के समय इस बार वोटर की वीडियोग्राफी कराने का भी निर्णय लिया गया।
2 जुलाई को वैश्य संस्था के कॉलेजियम सदस्यों का चुनाव होना है। विवादों के चलते चुनाव से चार दिन पहले जिला रजिस्ट्रार ने एचसीएस अधिकारी अमित गुलिया को नया आरओ नियुक्त किया था। आरओ गुलिया वीरवार दोपहर को संस्था के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संस्था के कार्यालय में आने वाले प्रत्याशियों की एंट्री पर रोक लगाई। इसके अलावा चुनाव के दिन बनने वाले पांच-छह हजार लोगों के खाने पर भी रोक लगा दी गई।
वोटरों के लिए खाना बनवाने का फैसला निवर्तमान आरओ विजय गुप्ता के समय में लिया गया था। चुनावी ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए कि निष्पक्ष होकर चुनाव कराना होगा। चुनाव के समय वोटरों की वीडियोग्राफी कराने का भी निर्णय लिया गया, जिससे कोई भी फर्जी वोटर वोट न डाल सके। आरओ ने चेताया कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गुलिया ने मतदान स्थल का मुआयना भी किया।
निष्पक्ष चुनाव के लिए आरओ से मिले संस्था के सदस्य
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के लिए वीरवार को निवर्तमान प्रधान राजेंद्र बंसल, विनय जैन, संजय भालौठिया और लोकेश जैन आरओ अमित गुलिया से मिले। उन्होंने चुनाव को शांतिपूर्ण कराने की अपील की।
प्रधान ने कहा कि निवर्तमान आरओ पांच-छह हजार लोगों के लिए खाना बनाने के नाम पर उन्हें लुभाना चाहते थे। इसमें संस्था का भी खर्च था। इसके लिए उन्होंने आरओ अमित गुलिया का आभार जताया।