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सुरक्षा अधिकारियों के निलं बन के बाद निजी कंपनी का अकाउंटेंट गिरफ्तार

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सुरक्षा अधिकारियों के निलंबन के बाद निजी कंपनी का अकाउंटेंट गिरफ्तार
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भूलभुलैया बनाया जा रहा पीजीआईएमएस का गार्ड घोटाला

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस का बहु विवादित गार्ड घोटाले भूलभुलैया बनाया जा रहा है। इस मामले में कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। वीरवार को दिनभर चर्चा रही कि पुलिस ने इस मामले में निजी कंपनी के दो लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि पुलिस ने निजी कंपनी के अकाउंटेंट की गिरफ्तारी की हामी भरी है।
गार्ड घोटाले में गठित एसआईटी व संस्थान की जांच कमेटी भी इस मामले का पटाक्षेप नहीं कर पा रही है। वर्तमान में इस मामले पर तीसरे डीएसपी जांच कर रहे हैं। पूर्व में इसी मामले पर संस्थान ने अपने दो मुख्य सुरक्षा अधिकारियों को निलंबित कर रखा है। आरोप है कि संस्थान में हुआ गार्ड घोटाला सामान्य नहीं है, इसमें संस्थान के सीनियर डॉक्टर भी उलझ रहे हैं। सीनियर डॉक्टरों को बचाने के लिए इस जांच को भूलभुलैया बनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए पहले पद के हिसाब से नोटिस भेजा, जिसे अधिकारियों ने लेने से मना कर दिया। अब बताया जा रहा है कि अधिकारियों को नाम से नोटिस भेजा जा रहा है।
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सबसे बड़ा सवाल
गार्ड घोटाला हुआ है, इस आरोप में संस्थान ने अपने दो सुरक्षा अधिकारी निलंबित कर दिए हैं। लेकिन लाखों का घोटाला क्या दो सुरक्षा अधिकारी ही कर सकते हैं, यह बात हजम नहीं हो रही है। क्योंकि इन्हीं दोनों अधिकारियों ने इस घोटाले की आशंका को जाहिर करते हुए मामले का खुलासा किया था। हैरानी की बात है कि मामले को खोलने वाले दोनों अधिकारी ही इस जांच का दंश झेल रहे हैं। वर्तमान में चल रही जांच पर सभी को एक बार उम्मीद जगी है कि अब बात जूनियर डॉक्टर से सीनियर डॉक्टरों तक पहुंचेगी।
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ये है मामला
पीजीआईएमएस की सुरक्षा का टेंडर दिल्ली की एक निजी कंपनी के पास था। इस कंपनी पर आरोप लगा था कि उनके कुछ सुरक्षा गार्ड भिवानी बोर्ड में तैनात हैं, जिनकी सैलरी पीजीआईएमएस के अकाउंट से जारी हो रही है। इस दौरान इन गार्डों की हाजिरी कैसे अप्रूवल हो रही थी, इसके लिए कौन जिम्मेदार है बिंदुओं पर जांच हो रही थी। आरोप है कि निजी कंपनी ने संस्थान के अधिकारियों के साथ मिल कर लाखों रुपये का चूना लगाया है।

बोले अधिकारी
निजी कंपनी के अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच चल रही है।
- देवेंद्र मान, एसएचओ, पीजीआईएमएस थाना
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