सर्वे टीम को देखकर बिफरे थेहड़वासी, कहा, जेल भेज दो पुनर्वास से पहले मकान खाली नहीं करेंगे
सिरसा। राजस्व विभाग की सर्वे टीम बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार संजय चौधरी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स के साथ थेहड़ स्थित वार्ड नंबर 22 में मकानों का सर्वे करने पहुंची। दोपहर एक बजे थेहड़ पहुंची सर्वे टीम को देखकर थेहड़वासी अपने घरों से बाहर निकल आए। कानूनगो और पटवारी ने घरों में जाकर पैमाइश कर वहां रहने वाले लोगों का नाम दर्ज करना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक तो सबकुछ ठीक चलता रहा। लेकिन इसके बाद अचानक महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ने की संभावना को देखते हुए सर्वे टीम ने अपना काम बीच में छोड़ दिया और थेहड़ से वापस जाने में अपने भलाई समझी। विरोध के चलते पहले दिन केवल मात्र 30 मकानों का सर्वे हो सका। लोगों के विरोध पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट बोले, कि सर्वे में बाधा डाली तो एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी। इस पर लोगों ने कहा कि चाहे उन्हें जेल भेज दो। जब तक पुनर्वास का लेटर नहीं मिलेगा तब तक थेहड़वासी मकान खाली नहीं करेंगे।
जानकारी के अनुसार सुबह जब राजस्व टीम सर्वे करने पहुंची तो लोगों ने उनकी कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान आप जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह थेहड़ वासियों की आवाज उठाने के लिए आ गए। इसके बाद घबराए थेहड़वासियों को हिम्मत मिली और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट संजय चौधरी इनके बीच पहुंचे और कहा कि वे हाईकोर्ट व सरकार के आदेशानुसार मकानों का सर्वे करने आए हैं। थेहड़ वासियों बोले कि बिना पुनर्वास के कोई भी कार्रवाई सही नहीं है। प्रशासन ने हाईकोर्ट में थेहड़ की गलत रिपोर्ट पेश की है। अब पहले पुनर्वास की योजना बनाकर लेकर आओ। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने जवाब देते हुए कहा कि पुनर्वास का कार्य सरकार का है, फिलहाल हमेें हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने दो। अगर कोई सर्वे कार्य के बीच में आएगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। हंगामे के बाद थेहड़वासी हनुमान मंदिर में पहुंचे और कुछ देर तक बैठक की। दोपहर तीन बजे महिलाओं ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं के गुस्से को भांपते हुए सर्वे टीम ने कार्य बीच में रोककर वापस जाने में अपने भलाई समझी। तीन बजे सर्वे टीम थेहड़ से वापस चली गई। बता दें कि पुरातत्व विभाग ने प्राचीन थेहड़ को देश की एतिहासिक धरोहर घोषित किया हुआ है।
हिम्मत है तो डंडा मारकर दिखाओ
जिस गली में सर्वे कार्य किया जा रहा था वहां पर पुलिस ने दूसरी गली के लोगों को आने नहीं दे रही थी। कुछ लोगों को पुलिस ने रोका तो वो पुलिस कर्मचारियों से कहने लगे कि इतनी पुलिस फोर्स को देखकर थेहड़वासी डरने वाले नहीं। हिम्मत है तो डंडा मारकर दिखा, यहां 20 हजार लोग रहते हैं। कई गुस्साई महिलाओं ने सर्वे टीम से कहा कि पहले वार्ड पार्षद के मकान की पैमाइश करो, फिर उनके मकानों की तरफ आना।
पिछली बार सर्वे टीम से हुई थी हाथापाई
थेहड़ पर सर्वे कार्य शुरू किए जाने को लेकर सुबह ही पुलिस फोर्स सचब्जी मंडी चौकी में एकत्रित हो गई थी। सर्वे टीम का इंतजार करते-करते दोपहर का एक बज एगया। प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार संजय चौधरी की ड्यूटी लगाई। पुलिस फोर्स लेकर सर्वे टीम थेहड़ पहुंची। पिछली बार सर्वे टीम को थेहड़ वासियों का काफी विरोध सहना पड़ा था। कानूनगो स्वर्ण सिंह के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई की। इसके बाद पुलिस ने विरोध करने वालों पर केस दर्ज कर लिया।
24 सितंबर को एचसी में है सुनवाई
हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन को करीब 84 एकड़ में फैले थेहड़ को खाली करवाना है। जिला प्रशासन अब तक 753 परिवारों से मकान खाली करवा चुका है। इन परिवारों को सेक्टर 19 में बने हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में अस्थायी तौर पर शिफ्ट किया गया है। 24 सितंबर को हाईकोर्ट में थेहड़ मामले की सुनवाई है। जिला प्रशासन को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक जिला प्रशासन थेहड़ की 28 एकड़ जमीन का कब्जा पुरातत्व विभाग को सौंप चुका है।