सरकारी चिकित्सालयों में डॉॅक्टर नहीं हैं, कहीं आम आदमी उपचार
के इंतजार में दम तोड़ देता है तो कहीं चिकित्सकों की लापरवाही जानलेवा बन
जाती है। नर्सिंग स्टाफ के सामने प्रसव पीड़िता अस्पताल के दरवाजे पर ही
बच्चे को जन्म दे देती है, तो कहीं जन्म के बाद ही देखभाल के अभाव में
नवजात दम तोड़ देते हैं।
ऐसे सिस्टम के बावजूद आम आदमी के हितों की पैरवी
करने वाले सूबे के सेहत मंत्री अनिल विज का एक दांत निकालने के लिए पीजीआई
डीएस के 12 डॉक्टर रविवार को अवकाश दिवस पर भी कतारबद्ध दिखे।
शनिवार
को तबियत खराब होने के बाद विज को रविवार सुबह अस्पताल जाना पड़ा। हालांकि
बुखार तो अस्पताल जाने से पहले ही उतर गया था, लेकिन ज्यादा परेशानी दांत
की वजह से हो रही थी। ऐसे में उन्हें टाइटेनियम का दांत इंप्लांट कराना
पड़ा। पीजीआई डीसी के 12 चिकित्सकों की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद
मंत्री का खराब दांत निकाल कर उसकी जगह नकली दांत लगाया गया।
सर्जरी के बाद
करीब 45 मिनट उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया। डेंटिस्ट की टीम ने इस दौरान
एक बार और जांच की। इसके बाद विज अंबाला के लिए रवाना हो गए।
झज्जर में
केंसर अस्पताल के भूमि पूजन के बाद लौट रहे चिकित्सा मंत्री शनिवार को
रोहतक में ही रुके थे। यहां सर्किट हाउस में ठहरे चिकित्सा मंत्री को हल्का
बुखार भी था और दांत में भी दर्द हो रहा था। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ
बजे वे पीजीआई के डेंटल विभाग में पहुंचे। यहां पहले से ही तैयार पीजीआई
टीम ने करीब दस बजे उनका इलाज शुरू किया।
टाइटेनियम का लगाया दांत
डेंटल
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी और उनकी टीम ने माइनर ओटी में
चिकित्सा मंत्री के खराब दांत को निकाल कर उसकी जगह टाइटेनियम का दांत
लगाया। पीजीआई प्रशासन ने हालांकि इसकी कीमत बताने से इनकार कर दिया। लेकिन
एक घंटे चली प्रोसेस के बाद अनिल विज का दांत इंप्लांट किया गया। इसके बाद
उन्हें पीजीआई के गेस्ट हाउस में ले जाया गया। जहां करीब आधा घंटा
ऑब्जर्वेशन में रखा गया।
स्वास्थ्य मंत्री के दांत में इनफेक्शन हुआ था। खराब दांत निकाल कर दूसरा दांत इंप्लांट कर दिया गया है।
-डॉ. ओपी कालरा, कुलपति हेल्थ यूनिवर्सिटी
चिकित्सा
मंत्री ने यहां इलाज कराने के लिए हम पर विश्वास जताया यह खुशी की बात है।
उन्होंने पूरा सहयोग किया और एक घंटे में दांत इंप्लांट कर दिया गया। इस
काम को करने में चार सीनियर डॉक्टरों के अलावा टीम लगी थी।
डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य डेंटल कॉलेज पीजीआई