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इमरजेंसी में बेड न मिलने से फर्श पर कराहता रहा घायल

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इमरजेंसी में बेड न मिलने से फर्श पर कराहता रहा घायल
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चरखी दादरी।
जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में कमी की बानगी सोमवार सुबह देखने को मिली। इमरजेंसी रूम में बेड खाली न होने से गंभीर रूप से घायल रासीवास निवासी रामचंद्र को करीब डेढ़ घंटे तक उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा। अंदर एंट्री न मिलने पर मजबूरीवश रामचंद्र फर्श पर लेटा दर्द से कराहता रहा, लेकिन किसी स्वास्थ्य कर्मी ने उसे संभालने तक की जहमत नहीं उठाई। मरीजों के परिजनों ने हंगामा शुरू दिया तो रामचंद्र को स्वास्थ्य कर्मचारी इमरजेंसी में ले गए और उपचार किया। इस दौरान परिजनों ने इमरजेंसी में तैनात नर्स पर उसे इमरजेंसी कक्ष से बाहर निकालने के आरोप भी जड़ दिए। घायल की पत्नी मीनाक्षी सहित अन्य परिजनों के आरोप है कि अस्पताल लाने के दो घंटे बाद जाकर रामचंद्र को उपचार दिया गया है।
जानकारी के अनुसार 172 गांवों के ग्रामीण उपचार के लिए दादरी सिविल अस्पताल पर निर्भर है। अब यह जिला मुख्यालय अस्पताल बन गया हो लेकिन यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं किया गया है। सोमवार को बंधक बनाकर पिटाई करने से घायल हुए रासीवास निवासी रामचंद्र के परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर आए थे। यहां पर उन्हें इमरजेंसी में प्रवेश नहीं दिया गया तो उन्होंने पटरी से उतरी स्वास्थ्य सेवाओं पर अपना रोष जाहिर किया। रामचंद्र की काफी देर तक सुध न लेने पर परिजन स्वास्थ्य कर्मियों से भिड़ने तक को तैयार हो गए। घायल की पत्नी मीनाक्षी, भतीजे नरसिंह व दोस्त पवन सहित अन्य परिजनों ने बताया कि रामचंद्र उन्हें बड़रहाई के खतों में बदहवाश हालत में मिला था। उन्होंने बताया कि रामचंद्र लहूलुहान हालत में था और शरीर पर चोटों के निशान थे। वे उसे लेकर करीब साढ़े 11 बजे सिविल अस्पताल में पहुंचे। यहां जब उन्होंने इमरजेंसी रूम में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से जब उसका उपचार करने की बात कही तो उन्होंने बेड खाली न होने का तर्क दिया। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने रामचंद्र की गंभीर हालत होने का तर्क दिया तो यहां तैनात नर्स ने उन्हें इमरजेंसी कक्ष से ही बाहर निकाल दिया। घायल के भतीजे नरसिंह का कहना है कि इस दौरान रामचंद्र फर्श पर लेटा दर्द से कराहता रहा लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। करीब डेढ़ तक इंतजार करने के बाद जब परिजनों ने अस्पताल परिसर में बवाल काटना शुरू किया तो यहां तैनात कर्मचारी हरकत में आए और रामचंद्र को इमरजेंसी कक्ष में ले जाकर उपचार दिया। घायल के परिजनों ने बवाल काटते हुए स्वास्थ्य कर्मियों पर बदसलूकी करने तक के आरोप जड़ दिए।
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बाक्स: जबरन घर में बंधक बनाकर की रामचंद्र की पिटाई
घायल की पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि रामचंद्र का दोस्त रासीवास निवासी भूपेंद्र गांव के ही दो अन्य युवाओं के साथ रविवार शाम उनके घर आया था। भूपेंद्र ने रामचंद्र से गांव बड़राई अपनी बुआ के घर चलने की बात कही। इसके बाद रामचंद्र उसके साथ चला गया। रामचंद्र का कहना है कि भूपेंद्र के रिश्तेदारों ने उन पर घर में घुसने पर हमला बोल दिया। मौका पाकर भूपेंद्र तो भाग निकला लेकिन परिजनों ने रामचंद्र की बंधक बनाकर पिटाई की। रामचंद्र की पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि सुबह उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया उसने बताया कि उसका पति बड़राई के खेतों में घायलावस्था में पड़ा हुआ है। मीनाक्षी ने बताया कि इसके बाद जब वह पति के पास पहुंची तो रामचंद्र ने उसे व परिजनों को मामले के बारे में बताया।

वर्जन::
मरीज की अगर संभाल नहीं हुई और वह फर्श पर लेटा रहा तो यह गलत है। वो इस मामले की जांच करेंगे और अगर किसी नर्स या अन्य स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही मिली तो इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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रणदीप पूनिया, सीएमओ

पुलिस को फिलहाल अस्पताल से घायल संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है। अगर बंधकर बनाकर पिटाई करने की बात है तो सूचना आते ही पुलिस अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज कर अगली कार्रवाई अमल में लाएगी।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
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