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Rohtak: मकड़ौली खुर्द का 10वीं का छात्र किलोई के पास JLN नहर में डूबा, तीन भाइयों के परिवार में इकलौता बेटा था 

Mon, 11 Jul 2022 08:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

14 वर्षीय हर्ष तीन भाइयों के परिवार में इकलौता बेटा था। तेज बहाव के चलते बह गया। सोमवार दोपहर कबूलपुर के पास शव मिला। गमगीन माहौल में गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
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हर्ष का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक में मकड़ौली खुर्द के किसान परिवार में मातम का माहौल है। क्योंकि तीन भाइयों के परिवार का एकमात्र बेटा 14 वर्षीय हर्ष किलोई के पास जवाहरलाल नेहरू कैनाल में नहाते समय डूब गया। सोमवार दोपहर उसका शव कबूलपुर के नजदीक नहर में मिला। गांव में गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। 

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निवर्तमान सरपंच सुमित कुमार ने बताया कि मकड़ौली खुर्द का किसान संजय खेतीबाड़ी का कार्य करता है। वे तीन भाई हैं। एक भाई के पास दो बेटी हैं, जबकि एक भाई ने शादी नहीं की। संजय के पास इकलौता बेटा हर्ष था। ऐसे में तीनों भाई हर्ष को बराबर प्यार करते थे।

रविवार को हर्ष गांव के युवकों के साथ किलोई के पास से गुजर रही जेएलएन नहर में नहाने चला गया। वहां संतुलन बिगड़ने के कारण तेज बहाव व गहराई के चलते डूब गया। किशोर के डूबने से दूसरे बच्चे घबरा गए। उन्होंने गांव में आकर किसी को नहीं बताया कि हर्ष नहर में डूब गया है।
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शाम को जब उसकी तलाश हुई तो धामड़ के एक युवक ने बताया कि दोपहर एक किशोर नहर में जरूर डूबा था। उस समय मकड़ौली खुर्द के कुछ दूसरे बच्चे भी थे। इसके बाद ग्रामीणों ने नहर में नहाने गए युवकों से पूछताछ की। तब बताया गया कि हर्ष नहर में डूब गया था।

डर के मारे वे चुप थे। मामले की सूचना सदर थाने में दी गई। रात को पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तेज बहाव के चलते कुछ नहीं पता लगा। सोमवार को ग्रामीण किलोई से पटरी के साथ-साथ हर्ष को तलाश करते हुए कबूलपुर तक पहुंच गए। गोच्छी गांव की पानी में हर्ष का शव उतराते दिखाई दिया। तत्काल शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद सदर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। 

हर कोई गमजदा, परिवार को बंधा ढांढस
सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब हर्ष का शव गांव में पहुंचा तो हर कोई गमजदा नजर आया। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि तीन भाइयों के परिवार में अब केवल दो बेटियां रह गई। हर्ष न केवल संजय का इकलौता बेटा था, बल्कि दो भाई भी उसे उतना ही प्यार करते थे। परिवार को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का घर पर तांता लगा रहा।

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