आज पेट्रोल-डीजल बन सकता है परेशानी
भिवानी।
आज शहर वासियों को पेट्रोल-डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण है पंप संचालकों की पिछले दो दिन की हड़ताल के कारण डीजल-पेट्रोल की नो परचेज और फिर संडे। ऐसे में अधिकतर पेट्रोल पंप संचालकों पर पेट्रोल-डीजल लगभग खत्म हो चुका है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उनके पास कोई निर्देश नहीं आए है और संडे को कंपनी खुलती है तो पेट्रोल-डीजल की खरीद होने की संभावना है।
पिछले 16 जून से पेट्रोल-डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदल रहे दामों के अनुसार बदल रहे है। पिछले करीब 16 दिन से लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम गिर ही रहे है। इस कारण पेट्रोल पंप संचालकों को लाखों का नुकसान हो रहा है। दरअसल पेट्रोल पंप संचालकों को दो से तीन दिन पहले आर्डर देकर पेट्रोल-डीजल की गाड़ी मंगवानी पड़ती है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की गाड़ी एक सप्ताह से लेकर 10 दिन तक चलती है। ऐसे में 10 दिन के दौरान काफी दाम गिर चुके होते है और यह नुकसान पेट्रोल पंप संचालकों को उठाना पड़ रहा है। इसी के विरोध में पेट्रोल पंप संचालकों ने शुक्रवार व शनिवार को कंपनियों से पेट्रोल-डीजल नहीं खरीदने का निर्णय लिया। दो दिन खरीद नहीं की। अब अगले दिन रविवार है। ऐसे में अधिकतर पेट्रोल पंप संचालकों पर पेट्रोल व डीजल बहुत कम बचा है। कुछ दुकानदारों ने तो नो परचेज के फैसले से पहले ही लगातार गिरते दामों के कारण खरीद टाल रखी थी। पेट्रोल पंप संचालकों की मांग है कि पहले की तरह दाम 15 दिन में बदले जाए या फिर कंपनियां इस नुकसान को वहन करें। पेट्रोल पंप संचालकों को पूरा कमीशन दिया जाए।
वर्जन::::
पेट्रोल-डीजल के दामों में गिरावट के कारण पेट्रोल पंप संचालकों को भारी नुकसान हो रहा है और ऐसे ही चलता रहा तो जल्द ही पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे। दो दिन नो परचेज का निर्णय था। अब इस मसले पर बैठक होगी।
राहुल जैन, जनरल सेक्रेटरी
भिवानी पेट्रोल पंप एसोसिएशन
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वर्जन::
पेट्रोलियम कंपनियां स्वयं यह गैप वाला नुकसान वहन करे या फिर कम से कम 15 दिन बाद रेट रिवाइज हो। अब पेट्रोल पंप संचालक पेट्रोल-डीजल मंगवाते है और बाद में दाम गिर जाते है।
मामनचंद, प्रधान
भिवानी पेट्रोल पंप एसोसिएशन