संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। बाबा मुक्तेश्वरपुरी मठ कोसली के परिसर में पतंजलि परिवार की ओर से दयानंद आर्य के नेतृत्व में चल रहे पांच दिवसीय योग शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान दयानंद ने कहा कि योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने की कला है।
जिला प्रभारी राज सिंह ने कहा कि योग सिर्फ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। सभी को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
योग शिक्षक प्रहलाद सिंह ने साधकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करवाते हुए नियमित योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
संयोजक दयानंद आर्य ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने की कला है। नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है। मन शांत रहता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है।
शिविर में सहयोग करने वाले सभी योग साधकों, अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।
शिविर में राजेश बाई तहसील प्रभारी, सतबीर सिंह, राजबाला, कमला, सुशीला, सरोज, कांता, मुकेश, सुषमा, सरला सहित अनेक योग साधकों, महिलाओं एवं बच्चों ने भाग लिया।