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Rewari News: पुलिस की कहानी से पलटे गवाह, बोले-पुलिस ने कोरे कागजों पर कराए हस्ताक्षर...आरोपी बरी

Fri, 05 Jun 2026 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। सड़क दुर्घटना और चोरी व आगजनी के मामलों की अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए। दोनों मामलों में गवाहों ने अदालत के समक्ष न केवल आरोपियों की पहचान से इनकार किया बल्कि यह भी कहा कि पुलिस ने कोरे कागज पर उनके हस्ताक्षर करवाए थे। आरोप साबित नहीं होने पर दोनों मामलों आरोपी बरी हो गए।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिल की अदालत ने दोनों मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।



अदालत ने अपने आदेश में माना कि जब मामले के मुख्य और प्रत्यक्ष गवाह ही अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं कर रहे हैं तो आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं माना जा सकता। दोनों मामलों में गवाहों के शत्रुतापूर्ण होने और पुलिस को दिए गए कथित बयानों से इनकार करने के कारण अभियोजन पक्ष का पूरा मामला कमजोर पड़ गया।
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गवाह मुकरे, चोरी व आगजनी के मामले में आरोपी बरी : रेवाड़ी के खोल में 3 जून को ट्यूबवेल के कमरे में चोरी करने के बाद आग लगाने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिल की अदालत ने आरोपी लुहाना निवासी रवि कुमार को बरी कर दिया है। घटना 21 मार्च 2024 की रात को हुई थी।



शिकायतकर्ता राजकेश ने बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके ट्यूबवेल के कमरे का ताला तोड़कर इन्वर्टर, बैटरी, गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा और फव्वारा सेट चोरी कर लिया। बाद में कमरे में आग लगा दी गई। पुलिस ने रवि कुमार उर्फ कालू को आरोपी बनाया था। उसे 2 मई 2024 को अग्रिम जमानत मिल गई थी। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया था।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तीन मुख्य गवाहों को पेश किया। पहले गवाह ने अदालत में कहा कि उसे मामले की जानकारी नहीं है और उसने कोई अपराध नहीं किया। शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा कि चोरी और आगजनी की घटना तो हुई थी लेकिन आरोपी उसका जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे।



तीसरे गवाह ने भी अदालत में अभियोजन का साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और आरोपी ने कोई अपराध नहीं किया। तीनों गवाहों को अभियोजन पक्ष ने शत्रुतापूर्ण घोषित कर जिरह की लेकिन कोई भी गवाह अपने पुराने बयान पर कायम नहीं रहा। अदालत ने रवि कुमार उर्फ कालू को आरोपों से बरी कर दिया।

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केस 2 : आरोप सिद्ध नहीं कर सका अभियोजन पक्ष, आरोपी बरी

रेवाड़ी। सड़क दुर्घटना के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिल की अदालत ने आरोपी बस चालक गांव पथेड़ा निवासी पवन कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। गवाह के बयान से मुकरने पर अभियोजन पक्ष ने जिरह की लेकिन इससे अभियोजन को कोई लाभ नहीं मिला।



गवाह ने कहा कि पुलिस ने उसके हस्ताक्षर कोरे कागजों पर करवाए थे। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। मामले का मुख्य गवाह अपने पूर्व बयान से मुकर गया और आरोपी की पहचान करने से भी इनकार कर दिया।

थाना खोल में 21 अप्रैल 2024 को एफआईआर संख्या 112 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता कुलदीप कुमार ने बताया था कि 20 अप्रैल 2024 को डहीना-जौनाबाद बस स्टैंड पर एक निजी बस में चढ़ते समय चालक ने लापरवाही से बस चला दी। इससे वह कुछ दूरी तक घसीटा गया और घायल हो गया।

अदालत में दिए बयान में कुलदीप कुमार ने कहा कि दुर्घटना करने वाला चालक कोई अज्ञात व्यक्ति था और अदालत में मौजूद आरोपी वह व्यक्ति नहीं है जिसने उसे टक्कर मारी थी।
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