रेवाड़ी। तीन दिन से चल रही ईडी की रेड से बौखलाए हरियाणवी म्यूजिक कंपनी जेम ट्यून्स के मालिक राव इंद्रजीत ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में लिखा है- हां मैं कातिल हूं उस नेक्सस के मंसूबों का जिसमें कारोबारियों को कर्ज के नाम पर लूटा जा रहा है और जबरन वसूली का शिकार बनाया जा रहा था। मैं कातिल हूं उस फाइनेंसर, गुंडा-पुलिस गठजोड़ का जो डर और धमकी के सहारे व्यापारियों की मेहनत निचोड़ रहा था।
राव इंद्रजीत ने अपनी पोस्ट में सिस्टम से सवाल पूछते हुए लिखा है-तब पुलिस कहां थी जब सब कुछ खुली आंखों से देखा जा रहा था। आरोप लगाया है कि कुछ लोग जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे थे। क्योंकि इस खेल में कुछ आका सिस्टम के अंदर भी थे।
इंद्रजीत ने खुली चुनौती देते हुए लिखा है कि कोई एक आदमी सामने आकर कहे कि उसने वसूली का पैसा लिया है। अगर किसी को फोन पर धमकाया है तो वह भी सामने आ सकता है। आगे लिखा है-वक्त लगेगा लेकिन सच सामने आएगा। हर परत खुलेगी, हर चेहरा बेनकाब होगा। हरियाणवी में एक कहावत है कि घर की बही, घर का खाता और घर का लिखनिया। सब दर्ज है।
यह भी लिखा है कि फाइनेंसर इनके, गुंडे इनके और कुछ पुलिस वाले इनके लेकिन याद रखिए, हर अधिकारी एक जैसा नहीं होता। आज भी सिस्टम में ईमानदार लोग मौजूद हैं जो इस फाइनेंसर-पुलिस नेक्सस के मकड़जाल को उजागर करेंगे।
व्यापारी की मदद करना लोगों को लग रहा इतना डरावना
इंद्रजीत ने व्यापारियों की मदद का दावा करते हुए लिखा है, अगर किसी व्यापारी की मदद करना इन लोगों को इतना डरावना लग रहा है तो वजह साफ है कि इनकी अवैध दुकानें बंद हो रही हैं। प्रशासन, इनकम टैक्स और ईडी इनसे ये सवाल क्यों नहीं पूछते कि इतना कैश आता कहां से है?
ईडी ने रेड में किए हैं यह दावे
ईडी ने रेड के बाद दावा किया था कि यादव के ठिकानों से 5.12 करोड़ रुपये कैश, 8.80 करोड़ रुपये के हीरे-सोने के गहनों से भरा सूटकेस और 35 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स से भरा बैग मिला है। यही नहीं, ईडी ने राव इंद्रजीत को बाहुबली बताते हुए मोटा कमीशन लेकर बड़े कॉर्पोरेट घरानों और निजी फाइनेंसरों के बीच करोड़ों के लोन विवादों का जबरन सैटलमेंट करवाने का आरोपी बनाया है। वहीं, इंद्रजीत ने उल्टा प्रदेश में चल रहे बड़े खेल का खुलासा किया है।