कृषि महाविद्यालय बावल में आयोजित कार्यशाला में बातचीत करते। स्रोत : डीपीआरओ
बावल। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की तरफ से कृषि महाविद्यालय बावल में एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस केंद्र योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में नाबार्ड गुरुग्राम के सहायक महाप्रबंधक जगदीश परिहार ने कहा कि क्लीनिक और एग्री बिजनेस केंद्र योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि पृष्टभूमि वाले युवाओं को श्रेष्ठ निजी कृषि एवं संबंधित विस्तार सेवाएं उपलब्ध करना और उद्यमिता एवं स्वरोजगार अवसरों को बढ़ावा देना हैं।
उन्होंने योजना पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस केंद्र योजना, कृषि अवसंरचना निधि के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में उपस्थित क्षेत्रीय अनुसंधान स्टेशन बावल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने इस कार्यशाला के लिए नाबार्ड का धन्यवाद करते हुए इसके महत्व पर अपने अनुभव साझा किए एवं योजनाओं के लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को उद्यमी के रूप में आगे आने के लिए प्रेरित किया।
एलडीएम रेवाड़ी राजीव रंजन कुमार व सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक रेवाड़ी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव यादव ने विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ लेने एवं बैंक स्तर पर क्रेडिट संबंधित हर संभव मदद को आश्वस्त किया। एमएसएमई विभाग के करण सिंह ने इस अवसर पर पीएमईजीपी, पीएमएफ़एमई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
क्रेडिट लिंकेज में मदद का अनुरोध किया
कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय बावल के प्रिंसिपल डॉ. नरेश कौशिक ने बैंक अधिकारियों से क्रेडिट लिंकेज में मदद का अनुरोध किया। उन्होंने इस योजनाओं के बारे में कृषि महाविद्यालय के छात्रों को अवगत करवाने एवं इस कार्यशाला के आयोजन के लिए नाबार्ड की सराहना करते हुए कॉलेज के सभी छात्रों के लिए इस योजना पर जागरूकता कार्यक्रम करवाने का अनुरोध किया। कृषि विभाग के प्रतिनिधि ने इस योजना को एटीएमए के तहत पूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया।