जलने के बाद बेजाड़ हुई झुग्गियां। स्रोत : वीडियो ग्रैब
रेवाड़ी। सेक्टर 5 में रविवार को झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग की घटना ने एक बार फिर शासन-प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि प्रवासी मजदूरों से जुड़े कानून केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
पीड़ितों के सामने खाने-पीने का संकट
झुग्गियों में लगी आग बुझने के बाद रात के समय लोग अपना बचा-खुचा सामान निकालने पहुंचे लेकिन उनके हाथ केवल राख ही लगी। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पीड़ितों के सामने खाने-पीने का भी संकट खड़ा हो गया है।
झुग्गी में रहने वाले सुरेंद्र, विकास और अनिल ने बताया कि आग में उनका पूरा सामान जलकर राख हो गया। घर में रखा अनाज और जरूरी वस्तुएं भी नहीं बचीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे से उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है लेकिन अभी तक उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया है।
पहले भी लग चुकी है आग
बता दें कि इससे पहले भी 19 मार्च 2024 को भी इसी बस्ती में आग लग गई थी जिसमें एक दर्जनों झुग्गियां जल गई थीं। आग की चपेट में आए मकान के मालिक पुनीत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय पुनीत का कहना है कि 2024 में भी इन्हीं झुग्गियों में आग लगी थी जिसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके के पास कबाड़ के ढेर और अवैध झुग्गियां होने के बावजूद इन्हें हटाया नहीं जा रहा है।