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Rewari News: हड़ताल पर गए कर्मचारी, घर-घर कूड़ा एकत्रित करने का काम ठप

Tue, 19 May 2026 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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डोर-टू-डोर कचरा उठान में लगे कर्मचारी मांगाें को लेकर डीएमसी से मिलते हुए। संवाद
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रेवाड़ी। मानदेय का विलंब से भुगतान होने से नाराज डोर-टू-डोर गाड़ी लेकर जाकर कचरा एकत्रित करने वाले कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। इसके चलते घर-घर कूड़ा एकत्रित करने का कार्य ठप हो गया है।
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आठ फरवरी को नगर परिषद की ओर से पांच वर्षों के लिए लगभग 29 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ा गया था। दावा किया गया था कि आधुनिक तकनीक और नए वाहनों के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा लेकिन हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
डोर-टू-डोर कचरा उठान में लगे करीब 130 कर्मचारियों ने मंगलवार को वेतन और सरकारी सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल पर गए कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा।
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कई कर्मचारियों ने बताया कि महीनों से वेतन में देरी हो रही है, जिसके कारण परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उधार लेकर घर चलाना पड़ रहा है। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा उपकरण, ईएसआई, पीएफ और अन्य श्रमिक सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सुबह से शाम तक शहर की सफाई करने के बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन और मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।

कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा। नए वाहनों की जगह बाहर से लाई गई पुरानी और कंडम गाड़ियों से कचरा उठाया जा रहा है।
कई स्थानों पर कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली से कचरा ढोया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इन वाहनों से शहर में दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है। कई बार रास्ते में ही कचरा गिर जाता है, जिससे गंदगी बढ़ रही है। आरोप यह भी है कि जिला प्रदूषण विभाग इस पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

हड़ताल से शहर में लगने लगा कचरे का ढेर
कर्मचारियों की हड़ताल के बाद शहर की कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। गर्मी के मौसम में बदबू और बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद और प्रशासन को पहले ही व्यवस्था की निगरानी करनी चाहिए थी। विपक्ष ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और ठेकेदार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी शालू ने कहा कि ठेकेदार टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा और इसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। उन्होंने मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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कर्मचारियों की समस्या उनके संज्ञान में है और जल्द ही वेतन दिलाने का प्रयास किया जाएगा।- ब्रह्मप्रकाश, डीएमसी रेवाड़ी।
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