गांव झाड़ौदा में विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रम। स्रोत : विभाग
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कोसली। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गांव झाड़ौदा में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में महिलाओं को शिशु के स्वास्थ्य और मां के दूध के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
सुपरवाइजर पिंकी शर्मा ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार होता है। प्रत्येक माता को कम से कम दो वर्ष तक बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
सुपरवाइजर बताया कि नियमित रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तन कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है। मां के दूध से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। छह माह की आयु के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए।
प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता, कौशल्या, बिमला, कांता, एएनएम राजेश देवी और सीमा सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।