रेवाड़ी। रेवाड़ी रोडवेज डिपो की किलोमीटर स्कीम की एक बस बुधवार की सुबह रोहतक जिले के कारौथा के पास बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गई। दरअसल, बस काफी स्पीड में चल रही थी, तभी उसके ब्रेक डाउन हो गए। गियर नहीं लगने पर चालक ने तुरंत सूझ-बूझ दिखाते हुए बस को रोका। पिछले टायर चेक किए तो एक्सल निकले हुए मिले। परिचालक ऋषिराज ने बताया कि किलोमीटर स्कीम की बस सुबह साढ़े 5 बजे रेवाड़ी बस स्टैंड वाया रोहतक होते हुए चंडीगढ़ के लिए निकली थी। बस में तकरीबन 50 सवारियां थीं।
रोडवेज की बस जैसे ही डीघल से निकलते ही कारौथा गांव के समीप पहुंची तो पहले अचानक गियर लगने बंद हो गए। इसके बाद ब्रेकडाउन हुए। तुरंत बस को रोका और सवारियों को नीचे उतारकर बस के टायर चेक किए तो पिछले दोनों टायर के एक्सल निकले हुए थे। ड्राइवर ने तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद दूसरी बस में सवारियों को बैठाकर चंडीगढ़ के लिए रवाना किया गया। इस घटना के बाद बस यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि समय से मेंटेनेंस न मिलने से लगातार बसें दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। इससे इनमें सवार यात्रियों की जान को भी खतरा बना हुआ है।
किलोमीटर स्कीम की 70% बसें अनफिट
बता दें कि किलोमीटर स्कीम की 70% बसें अनफिट हैं, लेकिन फिर भी उन बसों को रूटों पर बेधड़क दौड़ाया जा रहा है। इससे हादसा होने का खतरा है। इन बसों के कभी रूट पर दौड़ते समय ब्रेक फेल हो जाते हैं तो कभी गियर खुल जाते हैं और बॉक्स से हट जाते हैं। इसके अलावा कभी टायर खुलकर गिर जाते हैं तो ड्राइवरों की योग्यता पर भी सवाल उठते रहते हैं, लेकिन फिर भी रोडवेज इन बसों को अपने बेड़े में जगह दे रही है।
इतना सब होने के बावजूद रोडवेज प्रशासन द्वारा इन बसों की जांच तक नहीं की जाती, जबकि सभी बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल हैं। रोडवेज जब अपनी बसों को रूट पर उतारती है तो एक-एक कड़ी की अच्छी तरह जांच करती है, जिसके बाद ही रूट पर बस को दौड़ाया जाता है, लेकिन किलोमीटर स्कीम की सभी जांच प्राइवेट ठेकेदार को सौंप रखी हैं। जब किलोमीटर स्कीम की बस रूट पर जाती है तो रोडवेज के अधिकारी सिर्फ सफाई चेक करते हैं, बस में ब्रेक हैं या नहीं, गियर बॉक्स ठीक है या नहीं, बस चालू हालत में है या नहीं, इससे किसी को कोई मतलब नहीं है, यह सब ठेकेदार के भरोसे छोड़ रखा है। अधिकारियों का कहना है कि किलोमीटर स्कीम बसों के फिटनेस की जांच आरटीए द्वारा की जाती है, रोडवेज द्वारा नहीं।
किलोमीटर स्कीम की बसों की वजह से कब-कब हुए हादसे
हाल ही में रेवाड़ी से जयपुर की तरफ जा रही हरियाणा रोडवेज की किलोमीटर स्कीम की बस में आग लग गई थी। यह दुर्घटना जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर पर हुई थी। बस में करीब 35 से 40 सवारियां सवार थी। परिचालक ने पहले ही सावरियों को उतार दिया था। क्लच वायर में आग लगने से ये हादसा हुआ था। शनिवार रात को एक किलोमीटर स्कीम की बस शहर में खराब हो गई थी। धक्का मारकर उसे डिपो में लाया गया था। कुछ दिनों पहले रेवाड़ी में दिल्ली जयपुर हाईवे एनएच-48 पर हरियाणा रोडवेज की किलोमीटर स्कीम की एक बस रोड किनारे खड़े कंटेनर से टकरा गई। ड्राइवर ने बस को रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ब्रेक नहीं लग सके। बस में बैठी कई सवारियों को भी चोट आई।
18 अक्टूबर को रेवाड़ी से चंडीगढ़ रूट पर गई रोडवेज की किलोमीटर स्कीम की बस दादरी मोड़ पर अचानक खराब हो गई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। कोसली बस अड्डे से आगरा के लिए जा रही रोडवेज के अंतर्गत संचालित किलोमीटर स्कीम की चलती बस का टायर निकल गया था। बस में 25 से 30 सवारियां बैठी थीं। सवारियां कम होने के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया।
किलोमीटर स्कीम वर्ष 2019 में हुई थी शुरू
हरियाणा रोडवेज में यह किलोमीटर स्कीम वर्ष 2019 में शुरू हुई थी। इसके तहत राज्य सरकार ने निजी ऑपरेटरों की बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल किया है। इसमें बस के अंदर ड्राइवर तो ऑपरेटर का होता है, लेकिन कंडक्टर रोडवेज का ही होगा।
बस के बदले में सरकार ऑपरेटर को किलोमीटर के हिसाब से रुपये का भुगतान करती है। हरियाणा रोडवेज में कुल तकरीबन 3500 बसें हैं। इनमें से 870 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। अकेले रेवाड़ी डिपो में इस स्कीम की 35 बसें हैं।
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वर्जन
किलोमीटर स्कीम की बसों को लेकर शिकायतें आ रही हैं। ये बसें हादसों का शिकार क्यों हो रही हैं, इसकी जांच कराई जाएगी।
-देवदत्त, जीएम, रोडवेज डिपो
चंडीगढ़ जा रही खराब हुई रास्ते में बस। स्रोत : वीडियो ग्रैप