खरखौदा। रोहतक रोड अनाज मंडी में फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मंडी परिसर के दोनों प्रमुख गेटों पर आधुनिक तौल मशीन स्थापित की जाएगी।
इसके बाद अनाज मंडी में आने वाले सभी वाहनों का वजन स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकेगा जिससे किसानों और व्यापारियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
मार्केटिंग बोर्ड की ओर से अनाज मंडी का सर्वे कराया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद अब फसल खरीद शुरू होने से पहले ही वेइंग मशीन लगाए जाने की तैयारी की जा रही है।
इससे पहले किसानों को अपने अनाज से लदे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों और अन्य वाहनों का वजन कराने के लिए बाहर जाना पड़ता था जिससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
मार्केट सचिव ने इस संबंध में सभी आढ़तियों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि अब मंडी में तुलाई केवल इलेक्ट्रिक कांटों से ही की जाएगी। साधारण और पुराने कांटों से की जाने वाली तुलाई अब मान्य नहीं होगी।
सचिव के अनुसार यह निर्णय किसानों के हित में लिया गया है ताकि तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की गुंजाइश न रहे। इलेक्ट्राॅनिक वेइंग मशीन और इलेक्ट्रिक कांटों के इस्तेमाल से तौल प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी होगी।
इससे किसान को उसकी उपज का सही वजन मिलेगा और भुगतान में भी किसी तरह की कटौती या भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। वहीं, मंडी प्रशासन को भी रिकाॅर्ड रखने में सुविधा होगी और शिकायतों की संख्या में कमी आएगी।
किसानों और आढ़तियों का कहना है कि आधुनिक तौल व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी बल्कि फसल खरीद प्रक्रिया में विश्वास भी बढ़ेगा। मंडी प्रशासन का मानना है कि वेइंग मशीन की स्थापना के बाद आगामी खरीद सीजन को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा और किसानों को मंडी में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
वर्जन
सर्वे पूरा होने के बाद अब उम्मीद है कि जल्द ही अनाज मंडी के दोनों गेट पर तौल मशीन स्थापित कर ली जाएगी। जिसके बाद किसानों के साथ ही वेयरहाउस में जाने वाले अनाज को लेकर भी परेशानी नहीं होगी।
-सुरेश खोखर, सचिव, मार्केट कमेटी खरखौदा