रेवाड़ी। नगर परिषद की सीमा में शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बनाए जाने वाले स्वागत द्वारों के नामकरण को लेकर विचार-विमर्श तेज हो गया है। गढ़ी बोलनी रोड पर प्रस्तावित स्वागत द्वार का नाम महाराजा अग्रसेन द्वार रखने का सुझाव दिया गया है।
महाराजा अग्रसेन को सामाजिक समरसता, व्यापारिक नैतिकता और समानता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। गढ़ी बोलनी रोड व्यापारिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस मार्ग पर महाराजा अग्रसेन के नाम से द्वार बनाए जाने को उपयुक्त बताया जा रहा है।
इसी प्रकार नारनौल रोड पर बनने वाले स्वागत द्वार को बहन सुमित्रा देवी बाईजी द्वार नाम देने का प्रस्ताव है। बहन सुमित्रा देवी बाईजी को सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों के लिए याद किया जाता है।
दिल्ली रोड पर प्रस्तावित स्वागत द्वार का नाम सहस्त्र बाहु अर्जुन पीतल नगरी द्वार रखने पर चर्चा की जा रही है। दिल्ली रोड रेवाड़ी का सबसे प्रमुख और व्यस्त मार्ग माना जाता है। इस मार्ग से राजधानी दिल्ली की ओर आवागमन होता है, इसलिए इसे शहर की पहचान का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। सहस्त्र बाहु अर्जुन को शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, वहीं पीतल नगरी के रूप में रेवाड़ी की पहचान को भी इस नाम से जोड़ा जा रहा है।
बावल रोड पर बनने वाले स्वागत द्वार का नाम राव तुलाराम द्वार रखने का प्रस्ताव सामने आया है। राव तुलाराम रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्र के महान स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने 1857 की क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी।
झज्जर रोड पर प्रस्तावित स्वागत द्वार का नाम भगवान परशुराम द्वार रखने का सुझाव दिया गया है। भगवान परशुराम को न्याय, पराक्रम और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी लोग आवागमन करते हैं, ऐसे में धार्मिक आस्था से जुड़े नाम को सम्मान देने की बात कही जा रही है।
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पटौदी रोड के स्वागत द्वार को भगवान विश्वकर्मा द्वार नाम देने का प्रस्ताव
पटौदी रोड पर बनने वाले स्वागत द्वार को भगवान विश्वकर्मा द्वार नाम देने का प्रस्ताव है। भगवान विश्वकर्मा को शिल्प, निर्माण और तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। पटौदी रोड औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस मार्ग पर विश्वकर्मा के नाम से स्वागत द्वार बनाए जाने को उपयुक्त बताया जा रहा है। सत्ती कॉलोनी चौक से भाड़ावास गेट होते हुए एवरेस्ट सिनेमा तक जाने वाले प्रमुख मार्ग का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण सिंह यादव के नाम पर करने को लेकर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित नामकरण का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देना बताया जा रहा है।
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स्वागत द्वार पर खर्च होगी 3.56 करोड़ की राशि
नारनौल रोड पर नगर परिषद बाउंड्री में 89 लाख, गढ़ी बोलनी रोड पर 89 लाख, दिल्ली रोड पर 89 लाख, बावल रोड पर 89 लाख रुपये की राशि से स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। कुल 3.56 करोड़ की राशि स्वागत द्वार बनाने पर खर्च की जाएगी। जल्द ही इस पर कार्य भी शुरू हो जाएगा। साथ ही शहर के ऐतिहासिक भाड़ावास गेट, गोकल गेट, कानोड़ गेट, जगन गेट और दिल्ली गेट के सुधारीकरण व सुंदरीकरण कार्य शुरू होगा।
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नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी
नामकरण को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। ये बैठक 8 जनवरी को रखी गई है। परिषद का मानना है कि सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय से शहर की एकता और पहचान और मजबूत होगी। प्रस्तावित नामकरण का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देना है।
वर्जन
नगर परिषद की सीमा में शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बनाए जाने वाले स्वागत द्वारों के नामकरण को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। बैठक 8 जनवरी को होगी।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।