रेवाड़ी। एन्फ्लूएंजा संक्रमण के दो केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। नागरिक अस्पताल की फ्लू ओपीड़ी रोजाना 50 से 70 मरीज आ रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में जुकाम बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे भी इससे पीड़ित हैं। उधर इन्फ्लूएंजा-बी संक्रमित दो केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सभी अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
नागरिक अस्पताल में पिछले तीन चार दिनों से बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। यहां पर रोजाना 50 से 70 मरीज आ रहे हैं। इनमें अधिकांश खांसी की शिकायत है। गला सूखने ,नजला और हल्का बुखार की शिकायत होती है। हालांकि बदलता मौसम भी इसकी वजह है लेकिन इन्फ्लूएंजा के केस आने पर चिकित्सक इनकी सैंपलिंग करा रहे हैं। शुक्रवार को दो नए संदिग्ध मरीजों का सेंपल लिया है। लोग भी इसे लेकर बेपरवाह बने हैं। नागरिक अस्पताल में मास्क लगाने की सलाह मरीजों को देने के बाद मरीज मास्क का प्रयाेग नहीं कर रहे। हालांकि चिकित्सकों ने मास्क लगाने शुरू कर दिए हैं लेकिन मरीज सावधानी नहीं बरत रहे। आदेशों के बावजूद भी मास्क का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
इन्फ्लुएंजा बी के लक्षण
शरीर में इन्फ्लूएंजा बी वायरस के कई लक्षण नजर आ सकते हैं। इनमें गले में खराश, सिर दर्द, कभी-कभी दस्त लगना, बुखार, नाक बहना, मसल्स में दर्द, थकान, ठंड लगना इत्यादि। इस वायरस से गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है। यदि किसी को ये लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।इन्फ्लूएंजा बी से कैसे करें बचाव
घबराएं नहीं, एहतियात जरूर बरतें
चिकित्सकों का कहना है कि इन्फ्लूएंजा बी से घबराने की जरूरत नहीं है। इसका उपचार संभव है लेकिन एहतियात बहुत जरूरी है। इससे बचने के लिए मौसम बदलते ही इसका टीका लगवाएं। हालांकि, यह पूरी तरह से आपको फ्लू से सुरक्षित रख सकते हैं, इसकी गारंटी नहीं होती है। लेकिन अन्य प्रकार के वायरस से सुरक्षित रहा जा सकता है। इन्फ्लूएंजा वायरस के खतरे से बचने के लिए अपने हाथों को बार-बार धोएं। खाना पकाने के पहले से पहले और सोच जाने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं, ताकि संक्रमण से बचाव किया जा सके। शरीर को संतुलित आहार की जरूरत होती है। मुख्य रूप से अपने आहार में ताजे फल, पानी, फ्रेश सब्जियां, साबुत अनाज को शामिल करें, ताकि इन्फ्लूएंजा के खतरों से बचाव किया जा सके।
वर्जन
शुक्रवार को दो बच्चे इन्फ्लूएंजा -बी संक्रमित मिले हैं। उन्हें घर पर आईसोलेट किया गया है। वहीं दो नए संदिग्ध मरीजों का सेंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। घबराने की बात नहीं है। इन्फ्लुएंजा बी वायरस ज्यादा खतरनाक की श्रेणी में नहीं होता है। फिर भी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। बदलते मौसम में लोगों को और अधिक एहतियात की जरूरत है।
डॉ.दीपक, उप सिविल सर्जन, नोडल अधिकारी