हरियाणा के रेवाड़ी जिले में दो अधिकारियों को कोर्ट की अवमानना करना भारी पड़ गया। कोर्ट ने कुछ ग्रामीणों की जमीन पर जा रहे गंदे नाले के पानी को रोकने के आदेश जारी किए थे, लेकिन इस आदेश पर अमल नहीं करने पर बावल के बीडीपीओ और लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन की गाड़ी अटैच करने का आदेश दिया है। साथ ही दोनों गाड़ियों को बावल बस स्टैंड पर खड़ा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा गांव नैहचाना के सरपंच का मानदेय रोकने के भी आदेश दिए।
वहीं प्रशासन की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट बावल बीडीपीओ नीरज कुमार के नेतृत्व में विवादित गंदे नाले के पानी को रोक दिया। इसी दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रामीणों को शांत कर दिया गया। जानकारी के अनुसार पिछले 10 साल से गांव नैहचाना का गंदा पानी न केवल लोक निर्माण विभाग, बल्कि उसके साथ लगती अन्य ग्रामीणों की जमीन पर बह रहा था।
इसकी वजह से जमीन बंजर होती जा रही थी। इससे परेशान होकर गांव नैहचाना निवासी राज कपूर ने कई बार ग्राम पंचायत से लेकर अधिकारियों तक को शिकायत की, लेकिन पंचायत और अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।
इसके बाद राज कपूर ने 2013 में ग्राम पंचायत को पार्टी बनाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 31 जनवरी 2017 और 10 दिसंबर 2018 को गंदे नाले के पानी की रोकथाम को लेकर पंचायत विभाग और लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने इस पर अमल नहीं किया।
अब बावल न्यायालय के न्यायाधीश सुधीर कुमार की कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बावल बीडीपीओ और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन की गाड़ी अटैच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत नैहचाना के सरपंच का मानदेय रोकने के भी आदेश दिए। इतना ही नहीं सरपंच के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीसी को भी लिखा है।
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की टीम हरकत में आई। शुक्रवार को प्रशासन की टीम नाले को रोकने के लिए गांव में पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद प्रशासन की टीम में नाले में डाले जाने वाले पानी को बंद कराया।