रेवाड़ी। वर्षों से लंबित ऐतिहासिक बड़ा तालाब एवं सोलहराही तालब वॉटर हेरिटेज साइटों के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण का काम मार्च मेें शुरू हो जाएगा। यदि सबकुछ तय सुदा समय के साथ हुआ तो एक महीने के अंदर के डीपीआर रिपोर्ट आने के बाद टेंडर देकर काम शुरू कर दिया जाएगा। इधर नगर निकाय निदेशालय की ओर से पीडब्ल्यूडी की ओर से भेजे गए साढ़े नौ करोड़ के रफ एस्टीमेट के बाद नप रेवाड़ी से उक्त रिपोर्ट मांगी है। नगर परिषद ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपाआर) के लिए प्राइवेट एजेंसी को हायर करने के लिए टेडर जारी कर दिए हैं, एजेंसी को एक माह के अंदर पूरी रिपोर्ट को नप को सौंपना होगा। बता दें कि उक्त दोनों तालाबों को जीर्णोद्धार के लिए वर्षों से प्रक्रिया लंबित चल रही थी। तालाबों के सौंदर्यीकरण के तहत यहां पर लाइटें लगाने के साथ शहरवासियों के लिए इसे पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
सालों से चली प्रक्रिया नहीं चढ़ पा रही थी सिरे
शहर के दोनों एतिहासिक तालाबों की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। प्राचीन समय में दोनों तालाब शहर की शान थे, लेकिन प्रशासन की बेरुखी के चलते दोनों तालाब डंपिंग प्वाइंट बनकर रह गए। सामाजिक संस्थाओं सहित अनके एनजीओ एवं शहर के प्रबुद्ध लोग दोनों तालाबों की हालत को सुधारने के लिए प्रशासन को लिख चुके हैं। वहीं रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास भी केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से मिल चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से कई संगठन सोलहराही तालाब की दशा सुधारने में जुटे हैं। दूषित पानी की निकासी करा दी गई है।
एस्टीमेट पीडब्लयूडी ने बताया तो प्राइवेट एजेंसी बनाएगी डीपीआर
आलम यह है कि प्रदेश के लोकनिर्माण विभाग की जिम्मेदारी रखने वाले सरकारी महकमे का काम अब केवल रफ रिपोर्ट बनाने तक रह गया है। सोलहराही एवं बड़ा तालाब के नवीनीकरण के लिए रफ रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई, जिसमें विभाग ने लगभग साढ़े नौ करोड़ की एस्टीमेट बनाकर नगर परिषद को सौंपा था। इसके बाद नगर निकाय की ओर से फाइनल रिपोर्ट प्राइवेट एजेंसी से कराने को लेकर टेंडर देने की प्रक्रिया चल रही है। नप की माने तो पांच फरवरी को टेंडर होने के बाद एक महीने के अंदर एजेंसी को डीपीआर बनाकर सौंपनी है, इसके बाद काम के लिए टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों साइटों पर मार्च में काम शुरू हो जाएगा।