कंपनी बाग की एक गली का जायजा लेते पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव। संवाद
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शहर के कंपनी बाग में 3 महीने से सीवर का पानी गलियों में भरा हुआ है। लोगों के बार-बार शिकायत व हरसंभव कोशिश के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और ठेकेदार द्वारा जान-बूझकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। प्रशासन की नाकामी की वजह से हमें नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने वीरवार को कंपनी बाग में पहुंच कर जायजा लिया।
यादव ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि मेरे पास कई दिनों से शिकायत आ रही थी कि कंपनी बाग में सीवर की समस्या आ रही है और मैंने संबंधित अधिकारियों को भी इसे जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मैंने कल एसडीएम रेवाड़ी को कहा कि मैं कल स्वयं वहां का दौरा करूंगा और अधिकारियों को भी वहां पर भेजो, लेकिन आज भी यहां पर मात्र एक जेई के अलावा कोई नहीं आया और नाममात्र के लिए एक टैंकर लगाकर थोड़ा बहुत पानी निकाल दिया गया।
कैप्टन ने कहा कि जो नेता चुनाव में बोलते थे कि हम रेवाड़ी को सिंगापुर बना देंगे वो आजकल रेवाड़ी में आकर भी नहीं देखते कि लोगों का किस तरह जीना दूभर हो रहा है। वहीं नगर परिषद के चुनाव में भी भाजपा ने लोगों से लंबे चौड़े वायदे करके वोट तो हासिल कर ली, लेकिन वोट लेते ही अपने वादे भूल गए। हालात यहां पर ऐसे हो गए हैं कि हर घर में आदमी बीमार हो गए हैं और बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है। लोगों को अपनी नौकरी और बच्चों को स्कूल में सीवर के पानी में से निकल कर जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज शहर की दुर्दशा हो गई है। लोगों को समय पर पानी नही मिल रहा है, बिजली के कट लग रहे हैं। जगह-जगह सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं, स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है, जबकि बरसात के मौसम में रात के समय में तो लोगों को बहुत मुसीबत का सामना करना पड़ता होगा। पूर्व मंत्री ने कहा कि वहीं लोगों को प्रॉपर्टी आईडी को लेकर भी नगर परिषद के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मौजूद सरकार जान बूझकर लोगों को परेशान करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि जान बूझकर बरसात के मौसम में गली को खोद दिया ताकि जनता परेशान हो और मात्र पानी की पाइप लाइन के लिए सारे रोड को तोड़ने की क्या जरूरत थी। लोगों की मेहनत के पैसे को सरकार द्वारा व्यर्थ ही बहाया जा रहा है।