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Rewari News: अब चार रंगों के डस्टबिन से होगी कचरे की पहचान, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

Fri, 12 Jun 2026 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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अनाज मंडी के पास लगा कूड़े के ढेर। संवाद
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रेवाड़ी। शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत चार रंगों वाली डस्टबिन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके जरिये कचरे की पहचान होगी और उसको श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग किया जाएगा। इससे निस्तारण और रीसाइक्लिंग प्रक्रिया प्रभावी बन सकेगी। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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प्रत्येक दुकान, प्रतिष्ठान और भविष्य में प्रत्येक घर में नीला, हरा, लाल और काले रंग के के डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। प्रत्येक रंग के डस्टबिन का उपयोग अलग-अलग प्रकार के कचरे के लिए किया जाएगा ताकि कूड़े को मिलाने की समस्या समाप्त हो सके।
सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शहर के 32 वार्डों को 14 बीटों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बीट में कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि निगरानी और निरीक्षण कार्य बेहतर तरीके से हो सके।
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वर्तमान में नगर परिषद के पास करीब 350 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा सुपर सकर मशीन, 60 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, जेसीबी और अन्य वाहनों का बेड़ा भी सफाई कार्य में लगाया गया है।
नगर परिषद की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन विनिता पीपल की मौजूदगी में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पिछले दिनों बैठक भी आयोजित की गई थी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत चार रंगों वाली डस्टबिन व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।
योजना की शुरुआत पहले बाजारों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से की जाएगी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से घरों तक विस्तारित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह होगा डस्टबिन का उपयोग
नगर परिषद के अनुसार हरे डस्टबिन में गीला और जैविक कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन और अन्य सड़ने वाला कचरा रखा जाएगा। नीले डस्टबिन का उपयोग सूखे कचरे जैसे कागज, प्लास्टिक, गत्ता और धातु सामग्री के लिए किया जाएगा। लाल डस्टबिन में घरेलू खतरनाक कचरा जैसे टूटी ट्यूबलाइट, बैटरी, सैनिटरी वेस्ट और अन्य हानिकारक सामग्री रखी जाएगी जबकि काले डस्टबिन में ऐसा कचरा डाला जाएगा जिसे पुनर्चक्रित या कम्पोस्ट नहीं किया जा सकता।
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व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया प्रशिक्षण
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नगर परिषद ने व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण भी दिया है। उन्हें बताया गया कि अपने प्रतिष्ठान में कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में संग्रहित करने के बाद नगर परिषद की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ी में लगे उसी रंग के बॉक्स में डालना होगा। इससे कचरा संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहेगी।
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